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Mahendragarh-Narnaul News: खरीद अधिकारी नहीं कर रहे मंडी का रूख, व्यापारियों की टोली लगा रही बोली

Sat, 04 Oct 2025 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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नारनौल। 11 दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक तक बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। बाजरे की खरीद तो दूर की बात, खरीद अधिकारी बाजरे की जांच के लिए मंडी ही नहीं पहुंच रहे।
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23 सितंबर से 3 अक्तूबर तक नारनौल में 5320, अटेली में 8875 और नांगल चौधरी में 524 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। अभी भी किसान सुबह बाजरा लेकर मंडी पहुंचते हैं और गेटपास कटवाकर दिन भर खरीद अधिकारियों का इंतजार करते रहते हैं लेकिन खरीद अधिकारी नहीं पहुंचते।
कुछ कर्मचारी दोपहर में एक बार चक्कर लगाकर कुछ किसानों के बाजरे का सैंपल लेते हैं और रेवाड़ी लैब में भेजने की कहकर चल जाते हैं लेकिन लैब द्वारा जारी की गई रिपोर्ट किसानों को नहीं भेजी जाती। इस कारण भावांतर के तहत खरीद केवल एक खानापूर्ति बनकर रह गई है और किसान बाजरा बेचने के लिए व्यापारियों की तरफ रुख कर रहे हैं।
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इंसेट
व्यापारियों की टोली लगा रही बाजरे की बोली
खरीद के लिए व्यापारियों द्वारा निजी बोली लगाकर बाजरा खरीदा जा रहा है। निर्देशानुसार व्यापारी बाजरे की बोली लगाकर भाव तय कर खरीद कर सकते हैं। व्यापारी बाजरे की खरीद केवल 2 हजार रुपये से 2030 रुपये तक की जा रही है। शुक्रवार को व्यापारियों ने बोली के तहत नारनौल मंडी में करीब 1900 क्विंटल बाजरा खरीदा। वहीं 11 दिनों में व्यापारियों द्वारा नारनौल मंडी में करीब 3300 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई है।

इंसेट
सरकारी बाजार भाव से कम पर फसल बेच सकते हैं किसान
नए निर्देशानुसार किसान सरकार द्वारा तय बाजार भाव से कम पर फसल बेचने पर भी भावांतर के तहत 575 रुपये मिल जाएंगे। लेकिन फसल जे फार्म के तहत बेचनी होगी। गौरतलब है कि मंडियों में पहुंच रहे बाजरे की गुणवत्ता खराब है, जिस कारण सरकारी खरीद के अलावा व्यापारी भी सरकार द्वारा तय बाजार भाव 2200 रुपये प्रति क्विंटल पर बाजरा नहीं खरीद रहे थे।

खरीद शुरू होने से पहले 2150 रुपये बाजार भाव तय किया, जिसके तहत किसानों को 625 रुपये भावांतर के तहत मिलने थे। लेकिन खरीद शुरू होने के बाद सरकार द्वारा बाजार भाव 2200 रुपये किया गया और अब व्यापारियों को बोली के तहत बाजरा बेचने पर भी भावांतर के तहत राशि दी जा रही है। व्यापारी 2 हजार से 2050 रुपये के भाव पर बाजरा खरीद रहे हैं, लेकिन किसान को केवल 575 रुपये भावांतर मिल रहा है।
राजेंद्र सिंह, किसान,गांव-खासपुर

बाजरे की गुणवत्ता ज्यादा खराब नहीं है, इसलिए सरकारी खरीद में बाजरा बेचना चाहता था। लेकिन सुबह से मंडी में खरीद अधिकारियों का इंतजार कर रहा हूं लेकिन खरीद अधिकारी मंडी नहीं आए। जिस कारण मजबूरन व्यापारियों द्वारा लगाई गई बोली में मैंने बाजरा 2021 रुपये के भाव पर बेचा है।
जिले सिंह, किसान, गांव-खासपुर

मेरे गांव का डाटा अब तक ई खरीद पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया है। जिस कारण मेरा गेटपास जारी नहीं हो पा रहा, बाजरे की फसल मंडी में लाए दो दिन हो गए हैं। लेकिन अब तक गेटपास जारी नहीं होने के कारण फसल नहीं बेच पाया हूं।
घनश्याम, किसान,गांव-मारोली

वर्जन :
खरीद अधिकारी व कर्मचारी नियमित मंडियों में जा रहे हैं। बाजरे की जांच कर रहे हैं। वहीं व्यापारी द्वारा लगाई गई बोली पर किसान फसल बेच सकते हैं। यदि व्यापारियों द्वारा तय भाव सरकार द्वारा तय बाजार भाव से कम है तो भी भावांतर के तहत 575 रुपये किसानों को मिलेंगे। हालांकि किसान को फसल जे फार्म के तहत बेचनी होगी।-प्रवीण भारद्वाज, जिला प्रबंधक,हैफेड, नारनौल।
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