महेंद्रगढ़। हर मां-बाप को अपनी औलाद से कुछ अलग और बड़ा करने की उम्मीद होती है और संतान का भी परिवार की गरीबी दूर कर मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना सपना होता है। इसी तरह महेंद्रगढ़ निवासी प्रीतम ने अपने परिवार से हटकर नई राह चुनी और आज 15 साल की उम्र में अपने पिता की झोली कबाड़ की जगह पदकों से भर रहा है।
प्रीतम एक गरीब परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता अमर सिंह कबाड़ खरीदने का काम करते हैं जबकि माता सुमन देवी गृहिणी हैं। परिवार में सभी कबाड़ खरीदने का काम करते आ रहे हैं। प्रीतम फिलहाल नौंवीं कक्षा का छात्र है। प्रीतम ने पांच साल पहले स्वयं कुछ करने की ठानी और आसपास खिलाड़ियों से बातचीत की।
इसके बाद उसके मन में खेलने की भावना जागृत हुई और वह खेल मैदान में उतरा। इसके बाद प्रीतम ने पांच साल पहले शहर की एक निजी अकादमी में कोच लोकेश सैनी से प्रशिक्षण लेना शुरू किया। शुरुआती स्पर्धाओं में वह कमजोर रहा और उसको कई बार मात खानी पड़ी लेकिन प्रशिक्षण से वह मजबूत बना और पहला पदक वर्ष 2021 में दादरी में आयोजित चैंपियनशिप में जीता।
इसके बाद उसका हौंसला बुलंद हुआ और उसने प्रशिक्षण व अभ्यास का समय बढ़ा दिया। अकादमी के बाद वह घर पर जाकर अभ्यास करने लगा। अपनी कड़ी मेहनत के बल पर प्रीतम ने कुल 42 पदक हासिल किए हैं और 5 बार नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट रह चुका है। अब वह प्रतिदिन तीन घंटे प्रशिक्षण लेता है। उसका अगला लक्ष्य खेल में देश का नाम रोशन और भारतीय सेना ज्वाइन करना है।
ये है प्रीतम की मुख्य उपलब्धियां
- 2021 में दादरी में आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में रजत पदक।
- 2021 में कुरुक्षेत्र में आयोजित कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2022 में आगरा में आयोजित कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2022 में हरिद्वार में आयोजित कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2023 में पानीपत में आयोजित स्टेट कराटे चैंपियनशिप में रजत पदक।
- 2023 में यमुनानगर में आयोजित स्टेट कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2024 में हिमाचल प्रदेश में आयोजित कराटे चैंपियनशिप में रजत पदक।
- 2025 में हिसार में आयोजित स्टेट कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
- 2025 में हरिद्वार में आयोजित ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।