जिले में मॉडर्न रिवेन्यू रिकॉर्ड रूम के लिए जगह की तलाश में उपायुक्त अजय कुमार ने बुधवार की शाम लघु सचिवालय की सभी मंजिल का निरीक्षण किया। नगर परिषद का रिकॉर्ड भी अब लघु सचिवालय में ही मॉर्डन रिकॉर्ड रूम में ही रखा जाएगा।
डीसी ने बताया कि मॉर्डन रिकॉर्ड रूम के लिए काफी बड़े स्थान की आवश्यकता होगी। इसके लिए लघु सचिवालय में बड़े हॉल की तलाश की जा रही है। अगर यहां जगह नहीं मिलती है तो नए भवन बनाने पर भी विचार किया जाएगा। पूरे प्रदेश में इसी तरह के रिकॉर्ड रूम तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस कंपनी द्वारा राजस्व के रिकार्ड की स्कैनिंग की जा रही है उस कंपनी के पूरे कार्य पर नजर रखी जाए तथा फाइलों की मूवमेंट पूरी तरह से कानून के अनुसार होनी चाहिए। जब सारा डाटा डिजिटल हो जाएगा तब नागरिकों को अपनी जमीन की नकल आदि लेने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। इसी उद्देश्य के लिए राज्य सरकार ने ये आधुनिक रिकॉर्ड रूम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। डीसी ने बताया कि रिकॉर्ड को रखने के लिए वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाई गई है ताकि रिकॉर्ड सैकड़ों वर्षों तक खराब न हो। स्कैन होने के बाद रिकार्ड को लोहे के बॉक्स में रखा जाएगा। इन पर बारकोड भी लगाया जाएगा ताकि रिकॉर्ड को ढूंढने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस मौके पर उनके साथ एसडीएम रणबीर सिंह, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार सिंह व सीएमजीजीए कौस्तुभ के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।