नारनौल। न्यायालय के स्टे के बाद भी महेंद्रगढ़ तहसील में अवैध रूप से 12 रजिस्ट्री कर दी गई। उपायुक्त से शिकायत के बाद अब इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। स्टे के बाद भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करने के मामले में चार तहसीलदार, तीन गिरदावर और दो पटवारी शामिल पाए गए हैं हैं जिनके खिलाफ चार्जशीट के लिए सरकार को लिखा जाएगा।
शिकायतकर्ता शशि बाला ने जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार को शिकायत देकर तहसील महेंद्रगढ़ के रजिस्ट्री क्लर्क, पटवारी एवं गिरदावर को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।
शशि बाला का आरोप है कि ये कर्मचारी अब भी अपने पदों पर कार्यरत हैं और जिला प्रशासन की ओर से चलाई जा रही जांच को प्रभावित करने के लिए रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि 2013 में दायर मुकदमे में अदालत ने विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद भी अदालत के आदेशों की अवहेलना करते हुए महेंद्रगढ़ तहसील के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ओर से 12 रजिस्ट्रियां कर दी गईं।
इस बीच, विवादित भूमि पर गांव लावण निवासी एक व्यक्ति ने अवैध निर्माण कार्य शुरू कर दिया और उसने बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन भी किया था। हालांकि, शिकायत मिलने के बाद बिजली विभाग ने आवेदन रद्द कर दिया। इसकी पुष्टि एसडीओ सुनील कुमार ने की है। महेंद्रगढ़ तहसील में 2018 में तीन, 2019 में चार, 2021 में एक, 2022 में एक और 2025 में तीन विवादित भूमि की रजिस्ट्री की गई थी।
वर्जन
विवादित प्राॅपर्टी पर स्टे के बाद भी रजिस्ट्री करने वाले तहसीलदारों, गिरदावर और पटवारियों की सूची तैयार की गई है। अब इनके विरुद्ध चार्जशीट के लिए सरकार को लिखा जाएगा।-कैप्टन मनोज कुमार, उपायुक्त।