लॉकडाउन के दौरान जिले की शिक्षण संस्थान बंद हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसको लेकर निजी व सरकारी स्कूल बच्चों को ऑनलाइन पाठ्य सामग्री भेजकर पढ़ाई करवा रहे हैं। अध्यापक व्हाट्सएप ग्रुप व एप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। अध्यापकों द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में एडमिन के अलावा बच्चों को भी मैसेज भेजने की छूट है। ताकि बच्चे को पढ़ाई के दौरान कोई परेशानी आए तो वो मैसेज डालकर अध्यापक से पूछ सके। लेकिन एक दिन पहले अध्यापक द्वारा बनाए गए ग्रुप में ऐसा मामला सामने आया कि ग्रुप को डिलिट करना पड़ा।
बता दें कि पढ़ाई के दौरान अगर बच्चे को कुछ समझ नहीं आ रहा है तो ग्रुप में प्रश्न पूछ सकें इसके लिए ग्रुप एडमिन द्वारा सभी को पोस्ट करने की अनुमति दी हुई है। लेकिन एक दिन पहले को कक्षा पांचवीं में पढ़ने वाले बच्चे ने ग्रुप में अश्लील पिक्चर भेज दी। ग्रुप में पिक्चर भेजने के बारे में पता लगते ही ग्रुप एडमिन ले अभिभावक से संपर्क किया। लेकिन फोन नहीं उठने पर ग्रुप को ही डिलिट करना बेहतर समझा। इस दौरान कई पैरेंट्स व बच्चे पिक्चर देख चुके थे। इसके बाद दूसरा ग्रुप बनाया गया। लेकिन इस ग्रुप में बच्चों को मैसेज डालने की अनुमति नहीं दी गई। केवल ग्रुप एडमिन ही मैसेज डाल सकता है।
अभिभावक रहे सतर्क
ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर बच्चे अपने अभिभावक का फोन अधिकतर समय में अपने पास रखते हैं। लेकिन अभिभावकों को भी इसको लेकर सर्तक रहना होगा। अभिभावक कोई भी ऐसी तस्वीर मोबाइल फोन की गैलरी में ना रखे। दूसरा कुछ अभिभावकों को लगता है कि उन्होंने गैलरी में लॉक लगा रखा है। लेकिन बच्चों को लॉक के बारे में पता चल जाता है। बच्चों को मोबाइल फोन देते समय अभिभावक अनावश्यक सामग्री को डिलिट करके ही बच्चे को फोन दे। ऑनलाइन पढ़ाई के बाद भी ज्यादा समय तक बच्चे को फोन न दें। ऐसे में अभिभावकों को ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान सतर्क रहना होगा।