शहर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। शुक्रवार को औसतन एक्यूआई का स्तर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। दोपहर तीन बजे एक्यूआई का स्तर 301 रहा। इस स्तर पर सांस संबंधी मरीजों को परेशानी अधिक होने लगती है।
बता दें कि मौसम में बदलाव का असर हवा की गुणवत्ता पर भी पड़ रहा है। रविवार को वायु की गुणवत्ता मध्यम स्तर की थी। लेकिन, सोमवार से ही वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा। इस दौरान वायु गुणवत्ता का स्तर खराब श्रेणी में रही और औसतन एक्यूआई का स्तर 200 के पार रहा। इसका प्रमुख कारण क्रशर व माइनिंग समेत अन्य कारण है। इससे हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। कई जगहों पर लोग कूड़ा भी जलाते हैं। हालांकि नप ने कूड़ा जलाने पर रोक लगा रखी है। लेकिन, लोग चोरी छिपे कूड़े में आग लगा देते हैं। प्रदूषण बोर्ड के अनुसार नारनौल शहर में शुक्रवार दोपहर तीन बजे हवा में पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 का स्तर 301 रहा है, जो बहुत खराब श्रेणी का है। सुबह दस बजे तो एक्यूआई का स्तर 311 से उपर पहुंच गया था। बता दें कि शून्य और 50 के एक्यूआई को अच्छा, 51 और 100 तक की एक्यूआई को संतोषजनक, 101 और 200 मध्यम, 201 और 300 खराब, 301 और बहुत खराब श्रेणी में आता है। फिजिशियन डॉ. सुरेंद्र मित्तल ने बताया कि मौसम में बदलाव हो रहा है। ऐसे में लोगों को सतर्कता बरनते चाहिए। बेहतर होगा कि लोग मास्क का प्रयोग करें।
नारनौल में औसतन एक्यूआई
7 फरवरी-163
8 फरवरी- 279
9 फरवरी-280
10 फरवरी-231
11 फरवरी-268
12 फरवरी-301