मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद दीवान कॉलोनी को मुख्य सड़क पर पहुंचने के लिए सीधा रास्ता मिल गया है। दीवान कॉलोनी का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिला था। वीरवार को नगर पालिका के म्युनिसिपल इंजीनियर के नेतृत्व में पहुंची टीम ने कंकरीट की दीवारों को ध्वस्त करते हुए कॉलोनी के लिए रास्ता खोल दिया।
करीब 9 एकड़ में बसी दीवान कालोनी के एक गेट को 30 जनवरी की रात पुलिस ने बंद कर दिया था। जेसीबी से सड़क की खुदाई कर दी थी। कॉलोनी के गेट में सीमेंट के ब्लॉक लगाकर बंद कर दिया था। लोगों ने इसका विरोध किया था। अमर उजाला ने 31 जनवरी के अंक में लोगों की समस्या को प्रमुखता से उजागर किया। कालोनी का एक प्रतिनिधिमंडल 2 फरवरी को पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा से मिला था। कालोनीवासियों ने 7 फरवरी को विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें विधायक राव दान भी मौके पर पहुंचे थे। बुधवार को पूर्व नपा प्रधान रामचंद्र तायल, नरेंद्र झुकिया, राजेंद्र भारद्वाज, आरपी कौशिक, मनोज जांगिड़ का प्रतिनिधि मंडल चंडीगढ़ पहुंचा।
यह प्रतिनिधि मंडल पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा के नेतृत्व में सीएम मनोहर लाल मिला। प्रतिनिधि मंडल ने दस्तावेज भी सीएम के समक्ष प्रस्तुत किए।सीएम मनोहरलाल ने महेंद्रगढ़ डीसी अजय कुमार से फोन पर इस बारे में रिपोर्ट मांगी। सरकारी जमीन होने की जानकारी मिलने के बाद सीएम ने रास्ता खोलने के आदेश दिए। सीएम ने कहा कि नपा इस जमीन का पैसा जमा कराएगी। जिसके बाद इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
एक घंटे में खोल दिया रास्ता
एमई चमनलाल के नेतृत्व में नपा की टीम दोपहर पौने एक बजे रेलवे रोड पहुंची। नपा टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से जेसीबी से कंकरीट के ब्लॉक से बनी दीवार को गिराने का प्रयास किया। बाद में नगर पालिका टीम ने जेसीबी से इस दीवार को ढहाया। कंकरीट के बड़े ब्लॉक को उठाकर साइड में रखवाया। खोदी गई सड़क पर भी मिट्टी डालकर समतल किया गया। बाद में गेट में लगाए गए ब्लॉक भी हटाए गए। करीब एक घंटे बाद कालोनी के लिए रास्ता खुला गया।