नारनौल। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने पॉक्सो मामले में आरोपी मोहित की जमानत याचिका को चौथी बार खारिज कर दिया है। आरोपी 10 फरवरी 2024 से न्यायिक हिरासत में है।
आरोप है कि रेवाड़ी जिले के गांव गोठड़ा टप्पा निवासी मोहित और उसका साथी 5 फरवरी 2024 को 15 वर्षीया पीड़िता के महेंद्रगढ़ स्थित घर में घुस गए और उसके साथी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।
इस दौरान मोहित घर के बाहर पहरा दे रहा था। वहीं ये भी आरोप है कि इस समय दोनों ने शराब भी पी रखी थी। पड़ोसियों के आने पर वे अपना सामान (जूते, टी-शर्ट व बाइक) छोड़कर मौके से भाग गए। इसके बाद पीड़िता ने अपनी जान दे दी।
इसके बाद परिजनों ने 6 फरवरी 2024 को महेंद्रगढ़ थाने में शिकायत दी। शिकायत के बाद पुलिस ने आपराधिक षड़यंत्र, सबूत मिटाने, आत्महत्या के लिए उकसाने, सामूहिक दुष्कर्म, अपराध करने की नीयत से घर में जबरन घुसना, पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली थी। साथ ही पुलिस ने दोनाें आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 फरवरी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि मुख्य गवाहों के बयान हो चुके हैं और मृतका के पिता शिकायतकर्ता चश्मदीद गवाह नहीं है। आरोपी 10 फरवरी 2024 से हिरासत में है।
दूसरी ओर सरकारी वकील ने विरोध करते हुए कहा कि अपराध की प्रकृति अत्यंत गंभीर है और मृतका के पिता के बयान अभी दर्ज होने बाकी हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे केपी सिंह ने मामले की गंभीरता और अपराध की जघन्यता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
पहले भी तीन बार खारिज हो चुकी है याचिका
आरोपी की पहली जमानत याचिका 27 जून 2024 को खारिज हुई। इसके बाद हाई कोर्ट में अपील की और वहां भी 5 मई 2025 को जमानत खारिज कर दी थी। दूसरी और तीसरी याचिकाएं वापस ले ली गई थी। अब इस साल 30 जनवरी को आरोपी ने अपने वकील के माध्यम से चौथी जमानत याचिका दायर की थी।