फोटो नंबर- 08नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में तीरंदाजी का अभ्यास करते खिलाड़ी। संवाद
नारनौल। जिले में खिलाड़ी तीरंदाजी, किक्रेट, जूडो, वॉलीबाल में प्रतिभा को निखार रहे हैं। खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीत कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विभिन्न खेलों का अभ्यास कर रहें खिलाड़ियों को एक साल से पोषण राशि नहीं मिली है।
ना ही खिलाड़ियों को अभ्यास करने व प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सरकार व विभाग द्वारा उपकरण मुहैया करवाए जा रहें हैं। जिस कारण सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के युवा प्रतिभा होते हुए भी आगे नहीं बढ़ पा रहें हैं। युवा खिलाड़ी अभ्यास के लिए प्रयोग होने वाले उपकरण स्वयं खरीद रहें है। जिस कारण आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है।
हरियाणा सरकार द्वारा खिलाड़ियों को बेहतर पौष्टिक आहार के लिए प्रतिमाह पोषण राशि दी जाती है। 8 से 14 वर्ष के बच्चों को 1500 रुपये प्रतिमाह और 14 से 25 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रतिमाह राशि पोषण राशि के रूप में दी जाती है, एक साल से खिलाड़ियों को पोषण राशि नहीं मिली है। खिलाड़ियों ने पोषण राशि की मांग को कई बार उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विभिन्न खेलों में अभ्यास कर रहें खिलाड़ियों को स्वयं अपने खर्चे पर उपकरण खरीदने पड़ते है। सरकार व विभाग की तरफ से खिलाड़ियों को उपकरण मुहैया नहीं करवाए जाते। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में तीरंदाजी का अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने बताया कि तीरंदाजी का अभ्यास करने के लिए जिस उपकरण की आवश्यकता होती है वह 6 हजार रुपये का आता है, जो खिलाड़ी स्वयं अपने खर्च पर लाते हैं।
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प्रयास है कि अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं। पोषण राशि और खेल संबंधित उपकरण का खाका बनाकर उच्च विभाग को भेजा गया है। संभावना है कि जल्द ही सभी खिलाड़ियों को पोषण राशि मिलेगी। जरूरी उपकरण भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।-नरेंद्र कुंडू, जिला खेल अधिकारी, नारनौल।
रामकुमार। - फोटो : रामकुमार। संवाद