सतनाली। क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। नहरी पानी नहीं मिलने से क्षेत्र के लोगों के समक्ष पेयजल तक का संकट छा गया है। नहरी विभाग के जिम्मेदार पानी वितरण में क्षेत्र के साथ लगातार भेदभाव बरत रहे हैं। भूमिगत जल स्तर 1200 से 1500 फीट गहराई तक पहुंचने के बावजूद भी जिम्मेदारों ने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान के प्रयास तक शुरू नहीं किए हैं। पहले क्षेत्र को उसके हिस्से का पानी मिलने से परेशानी नहीं होती थी, लेकिन इस बार 20 अप्रैल को जेएनएल में पानी आने के बावजूद 12 दिन का समय बीतने के बाद भी क्षेत्र की नहरों में एक बूंद पानी की नहीं पहुंच पाई है, लेकिन अभी तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच पाने से क्षेत्र के लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि यदि यही हालात रहे तो पानी के पानी के भी लाले पड़ जाएंगे। नहरी पानी वितरण में क्षेत्र से हो रहे भेदभाव को लेकर एक सप्ताह पहले ही उपायुक्त मोनिका गुप्ता से खंड सतनाली के सभी सरपंच मिले थे और उन्होंने सरपंचों से आश्वासन दिया था कि इस मामले को सरकार के संज्ञान में भेज देगी। अनेक गांवों के सरपंचों का कहना है कि अब गर्मी की शुरूआत हो चुकी है, लेकिन नहरों से जुड़े होने के बावजूद भी क्षेत्र के 30 से अधिक जाोहड़ों में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंच पाई है। इसके अलावा 45 के करीब जोहड़ों को नहरों से जुड़ने का आज भी इंतजार है। ग्रामीण इसके लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।
पिछले वर्षों में जो नहरी पानी क्षेत्र को मिलता था वह अब बंद हो चुका है। जिम्मेदार लगातार क्षेत्र के साथ भेदभाव कर रहे हैं। अगर यही हालात रहे तो खेती करना तो दूर पेयजल के लिए भी संकट खड़ा हो जाएगा। जल्द क्षेत्र के हिस्से का नहरी पानी नहीं मिला तो लोग आंदोलन को मजबूर होंगे।
-संतू शेखावत
जिम्मेदार जांच करें कि महेंद्रगढ़ से पानी मिल रहा है या नहीं यदि मिल रहा है तो सतनाली क्षेत्र में क्यों नहीं पहुंच रहा। प्रशासन से मांग है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई अमल में लाई जाए। नहरी पानी वितरण में क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं होने देंगे।
-विजय कौशिक
क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार नीचे गिर रहा है जो कि अब 1200 लेकर 1500 फीट तक गहराई में पहुंच गया है। क्षेत्र में करीब 75 के करीब जोहड़ हैं जिनमें से 30 नहरों से जोड़े गए हैं, लेकिन किसी भी जोहड़ में पानी नहीं है। ऐसे में गर्मी के मौसम में पशु-पक्षियों व जानवरों को पेयजल भी नसीब नहीं हो रहा।
-उमेद सिंह नावां
सरकार ने सतनाली क्षेत्र में नहरी पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर नहरें तो बनवा दी हैं, लेकिन अब उन नहरों को पानी का इंतजार है। एमसी नंबर दो से पड़ोसी जिले को पानी देने की योजना एक अलग प्रक्रिया है, लेकिन जो नई सीसी नहरें बनी हैं उनमें तो पानी छोड़ा जाना चाहिए।
-ओमप्रकाश शर्मा नावां