फोटो नंबर- 16नई अनाज मंडी में बाजरे की तुलाई करते श्रमिक। संवाद
नारनौल। बाजरा खरीद शुरू हुए तीन दिन बीत गए लेकिन मंडी में अब तक खरीद नहीं हुई। किसान ट्रॉली भरकर पहुंच रहे हैं, हैफेड कर्मचारी हाजिरी लगा रहे हैं और आढ़ती दुकानें खोलकर बैठे हैं, फिर भी खरीद शून्य है। शनिवार को तीसरे दिन 35 गेटपास जारी हुए और करीब 800 क्विंटल बाजरे की आवक हुई।
व्यापारी 2100 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बाजरा लेने को तैयार हैं लेकिन इस भाव पर जे-फार्म जारी नहीं हो रहा, क्योंकि इसके लिए न्यूनतम भाव 2301 रुपये तय है।
जिले की 6 मंडियों में खरीद के लिए अधिकृत हैफेड अधिकारी मंडी आ रहे हैं, पर न जांच कर रहे हैं, न खरीद। सूत्रों के अनुसार भावांतर और खरीद पर स्पष्ट निर्देश न मिलने से कर्मचारी असमंजस में हैं।
ज्यादातर किसानों के एमएफएमबी पोर्टल पर पंजीकृत बाजरे का सत्यापन अधूरा है। ई-खरीद पोर्टल पर आधा या पूरा बाजरा वेरिफाई नहीं हुआ, इसलिए गेटपास के बावजूद खरीद अटकी है। रविवार का अवकाश होने से किसानों को अब सोमवार तक इंतजार करना होगा।
वर्जन :
जिले में करीब 1 लाख 47 हजार एकड क्षेत्र में डाटा मिसमैच था जिसमें से करीब 90 प्रतिशत डाटा ठीक करके अपडेट कर दिया गया है। वहीं शेष बचे करीब 20 हजार एकड क्षेत्र के डाटा को 4 अक्तूबर तक ठीक कर दिया जाएगा
।-राकेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, नारनौल।