महेंद्रगढ़। बुद्ध पूर्णिमा पर शहर से लेकर गांव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के मोहल्ला महायचान के गुुरु रविदास मंदिर में बुद्ध पूर्णिमा मनाई गई। इस अवसर पर महिला मंडली की ओर से भजन का का आयोजन भी किया गया।
भजनों के माध्यम से बुद्ध के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। बच्चों को पाखंड व नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। मास्टर सतवीर जोनावास ने लोगों भजनों के माध्यम से नशे से दूर रहने व शिक्षा के महत्व बताए। गुरू रविदास सेवा समिति प्रधान संदीप महायच ने बताया कि बुद्ध के मार्ग पर चलकर ही विश्व शांति कायम कर सकते हैं। इस मौके पर जगदीश महायच, फूल सिंह, गजेंद्र, दीपक महाचय, मास्टर दिलबाग, संगीता देवी, कृष्णा, बीमला, निर्मला, भगवती, अंगूरी, मूर्ति, सावित्री, कमला, मुन्नी, संतरा मौजूद रही।
शहर के माेहल्ला महायचान में बुद्ध पूर्णिमा पर मोहल्लावासियों ने राहगीरों को खीर व जलेबी का प्रसाद वितरित किया। अशोक ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा वह पावन दिन है जब भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। उन्होंने बौद्ध धर्म की शुरूआत की। यह दिन हर पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। भारत समेत श्रीलंका, नेपाल, थाईलैंड, जापान और चीन में इसे बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। इस दिन शांति व करुणा का संदेश फैलाते हैं। इस मौके पर विष्णु पार्षद, भूपसिंह, बंटी, जयकुमार, रिंकू, अतुल मौजूद रहे।
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- डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक पर लगाई छबील
महेंद्रगढ़। डाॅ. भीमराव आंबेडकर चौक स्थित प्राचीन बौद्ध विहार में समाजसेवी संगठन की ओर से बुद्ध पूर्णिमा मनाई गई। संगठन की की ओर से ठंडे पानी की छबील लगाकर राहगीरों को मीठा शरबत पिलाया। संस्था के चेयरमैन सुंदरलाल जोरासिया ने बताया की भगवान बुद्ध पूर्णिमा के पैदा हुए, पूर्णिमा के दिन ज्ञान प्राप्त हुआ, पूर्णिमा के दिन निर्वाण को प्राप्त हूए। बुद्ध काल में भारत विश्वगुरु बना था। तक्षशिला विश्वविद्यालय, विक्रम शीला, बौद्ध गया नालंदा विश्वविद्यालय से पूरे विश्व में शिक्षा की अलख जगाई थी। इस अवसर पर हेड मास्टर ताराचंद, पूर्व चेयरमैन रमेश खिंची, राम अवतार मांढिया, हैड मास्टर राजेश मेहरा, सतीश नंबरदार पाली, संतलाल खिंचीं, थानेदार मुकेश रंगा, सरदार प्रतिम सिंह, विकास बचिनी, अमन गौतम, उमेद मेहरा, आशिष गौतम आदि मौजूद रहे।
- दौंगड़ा अहीर गांव में बुद्ध पूर्णिमा पर हवन
कनीना। गांव दौंगड़ा अहीर के बाबा रूपादास मंदिर में बुद्ध पूर्णिमा पर हवन किया गया। समाजसेवी श्योचंद ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा केवल एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन और समाज में सद्भाव फैलाने का दिन है। भगवान बुद्ध का संदेश आज भी प्रासंगिक है। करुणा, धैर्य और संवाद को अपनाएं, तो केवल गांव ही नहीं, देश और दुनिया भी शांतिपूर्ण बन सकती है। भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव का हवाला देते हुए हरपाल थानेदार ने कहा कि जब दो देशों के बीच हालात तनावपूर्ण हों, तो बुद्ध जैसे महापुरुषों की शिक्षाएं,अहिंसा, संवाद और समरसता ही दोनों देशों को स्थायी शांति की राह पर ला सकती हैं। पड़ोसी देशों के बीच युद्ध नहीं, बुद्ध का मार्ग चुना जाए। इस अवसर पर होशियार सिंह रामानंद मास्टर, रामोतार, भवानी सिंह सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
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