हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से कराई गई पटवारी की परीक्षा में 24200 अभ्यर्थी शामिल हुए। रविवार को 42 डिग्री तापमान और तपती दोपहरी में अभ्यर्थी जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से हुई। प्रशासन की ओर से परीक्षा के दौरान पूरी चौकसी बरती गई। केंद्र के अंदर परीक्षार्थियों को पेन भी लेकर नहीं जाने दिया गया। सभी चौराहों पर जाम को लेकर ट्रैफिक पुलिस तैनात थी लेकिन उसके बाद भी मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही।
बाहर से मंगवाए गए 190 जवान
शिक्षामंत्री के गृह जिले में पहली बार हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में गड़बड़ी को रोकने के लिए चार डीएसपी सहित 513 जवानों ने ड्यूटी जिनमें से 190 जवान बाहर से बुलाए गए थे। इसके अलावा स्वयं एसपी हामिद अख्तर भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस भी शहर के विभिन्न चौराहों पर तैनात थी।
रात को ही पहुंचे थे परीक्षार्थी
जिले में पटवारी की परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थी रात्रि को ही पहुंच गए थे। ताकि वो परीक्षा के निर्धारित समय पर पहुंच सके। शहर की धर्मशालाएं रात्रि को बुक हो गई थीं। जबकि बहुत से लोग अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए थे तो कुछ सुबह पर्सनल साधनों से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे।
47 परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा
पटवारी की परीक्षा में लगभग 24200 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के लिए महेंद्रगढ़ व नारनौल में 47 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन परीक्षा केंद्रों के लिए सरकारी कॉलेज और निजी स्कूलों की 20 बिल्डिंग हायर की गई है। 12 बिल्डिंग महेंद्रगढ़ के निजी स्कूल की हायर की गई थीं। कुछ बिल्डिंग में दो तो किसी में चार सेंटर दिए गए थे। यह परीक्षा दो सत्र में आयोजित की गई। पहली सत्र 10.30 से 12 बजे और सायं का सत्र 3 से 4.30 बजे का रहा।
तीन बार जांच के बाद पहुंचे सीट पर
परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को केवल रोल न. स्लिप और आईडी प्रूफ अंदर ले जाने की अनुमति थी यहां तक पेन भी अंदर ले जाना मना था। परीक्षार्थियों को सीट पर पहुंचने से पहले तीन बार चेकिंग की गई। परीक्षार्थियों के रूमाल, नोज पिन, कानों की बाली भी निकलवा ली गई।
1. केंद्र के मुख्य गेट पर पुलिस कर्मी आईडी प्रूफ देखकर ही अंदर जाने दे रहे थे ।
2 इसके बाद विभाग द्वारा नियुक्त अधिकारी एडमिट कार्ड की जांच की गई।
3 बायोमैट्रिक मशीन से अंगूठे लगवाए गए और अंदर की विडियोग्राफी भी की गई।
तीसरी आंख की नजर में हुई परीक्षा
महेंद्रगढ़ जिला शिक्षामंत्री का जिला होने के कारण आयोग की निगाह महेंद्रगढ़ जिले पर थी। पूरी परीक्षा तीसरी आंख की निगाहों में हुई। यहां तक की पेपर भी कैमरे की नजर में खोले गए। मुख्य द्वारा पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। परीक्षार्थियों के कमरे में आगे-पीछे दो तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। जबकि पेपर आदि की पैकिंग भी विडियोग्राफी से करवाई गई।
मॉडर्न स्कूल में ओएमआर सीट मिस
मॉडर्न स्कूल में स्थित परीक्षा केंद्र पर एक ओएमआर सीट मिस हो गई थी जिस कारण सुप्रीटेंडेंट और निरीक्षक के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई। पली स्फिट की परीक्षा के दौरान जब रूम वाईज ओएमआर सीट की गिनती की गई तो उनमें से एक सीट ओएमआर सीट कम मिली। ओमएमआर सीट कम मिलने पर रूम में तैनात सभी सुपरवाइजर तथा सुप्रीटेंडेंट सकते में आ गए लेकिन उसके बाद जब उसको काफी तलाश किया गया तो वह लिफाफे के अंदर ही मिल गया।
बसों का रहा अभाव
रविवार को जिले में सोनीपत, पानीपत, रोहतक, फरीदाबाद, गुड़गांव, पलवल, रेवाड़ी सहित अनेकों जिलों से परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए आए हुए थे । लेकिन रोडवेज बसों के अभाव के कारण परीक्षार्थियों और उनके परिजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। परीक्षार्थी बसों की छतों पर बैठकर अपने गंतव्य को जा रहे थे। इतनी तेज धूप में बसों के अंदर तथा बाहर बैठने की जगह नहीं थी । बहुत से लोगों को तो बसों को लंबा इंतजार करना पड़ा।