महेंद्रगढ़। भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री विष्णु तंवर ने मंगलवार को अपने पद के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। तंवर ने यह फैसला केंद्र सरकार के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े प्रस्तावित कानून के विरोध में लिया है। उन्होंने पार्टी में कार्यकर्ताओं की कथित उपेक्षा और पुलिस के दुर्व्यवहार को भी इस्तीफे की वजह बताया।
तंवर ने कहा कि वह 3 अगस्त को जयपुर में यूजीसी कानून के विरोध में आयोजित कार्यक्रम में समर्थन देने पहुंचे थे। उनका कहना है कि भाजपा शासन में भाजपा के ही एक पदाधिकारी के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। इस घटना से वह आहत हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में भी पुराने कार्यकर्ताओं की बात को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।
तंवर ने कहा कि सरकार की ओर से लाया गया यूजीसी बिल उनके सिद्धांतों और विचारों के विपरीत है। उनके अनुसार, वह ऐसे कानून का समर्थन नहीं कर सकते जिसे वह समाज में विभाजन पैदा करने वाला मानते हैं। उन्होंने इसे सामान्य वर्ग के बच्चों के हितों के खिलाफ भी बताया।
उन्होंने अपना इस्तीफा भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष पवन खैरवाल और भाजपा जिला अध्यक्ष यतेंद्र राव को सौंपा। इस्तीफे की प्रतियां भाजपा हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष और किसान मोर्चा हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष को भी भेजी गई हैं।
पार्टी की उपेक्षा भी बनी टीस
तंवर ने कहा कि उन्होंने भाजपा में मंडल स्तर से लेकर संकल्प सेवा पखवाड़ा और विभिन्न समितियों में जिम्मेदारी निभाई है। उनका आरोप है कि पुराने कार्यकर्ताओं ने वर्षों तक पार्टी के लिए काम किया लेकिन उन्हें राजनीतिक अवसर नहीं मिले। उन्होंने जिला अध्यक्ष और किसान मोर्चा अध्यक्ष पर भी उनकी बात को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।