नारनौल। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था के संचालन व रखरखाव संबंधित अब ग्राम पंचायतों की सरकारी जन भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसके तहत ग्राम पंचायतों का दायित्व बढे़गा और पेयजल के प्रति जागरूकता होगी।
प्रमुख अभियंता देवेन्द्र दहिया की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एकल ग्राम योजना के लिए सरकारी सामुदायिक भागीदारी के आधार पर ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं के लिए नई ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस नीति के प्रस्तावित कार्यान्वयन पर जागरूकता प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य अभियंता राजीव बातीश ने पीपीटी के माध्यम से नई संचालन एवं रखरखाव नीति के बारे में जानकारी प्रदान की।
प्रमुख अभियंता ने बताया कि यह नीति प्रदेश भर में एक अप्रैल 2025 से लागू होगी। सबसे पहले उन ग्राम पंचायतों में लागू किया जाएगा जो सिंगल विपेज स्कीम के अंतर्गत आते हैं। इस नीति के कार्यान्वयन से पहले जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस नीति के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी। जिसमें जिला प्रशासन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, विकास एवं पंचायत विभाग व ग्राम पंचायतों की भूमिका अहम रहेगी। इसके अलावा मल्टी विपेज स्कीम की ग्राम पंचायतों में यह नीति एक अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत ग्राम जल एवं सीवर समिति को और अधिक पावर प्रदान की गई है। जिसमें 50 प्रतिशत महिलाओं की भूमिका है। ग्राम पंचायत सरपंच, ग्राम सचिव के नाम से एक बैंक खाता होगा जिसमें पेयजल संबंधित विभागीय अनुदान सहित, पीने के पानी के कनैक्शन फीस की राशि व मासिक बिल की राशि भी ऑटोमेटिक ही ग्राम पंचायत के इस बैंक खाते में आएंगे। इस मौके पर प्रदेश के राज्य सलाहकार, अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता, उपमंडल अभियंता, जिला सलाहकार, जूनियर इंजीनियर व बीआरसी उपस्थित रहे।
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महेंद्रगढ़ में एक ग्राम योजना के तहत 39 ग्राम पंचायत शामिल
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि विभाग की ओर से एकल ग्राम योजना में जिला महेंद्रगढ़ के 39 ग्राम पंचायत दर्ज हैं। जिनमें 1 अप्रैल 2025 से नई संचालन एवं रखरखाव नीति को शुरू कर दिया जाएगा। अटेली खंड की 2 ग्राम पंचायत, कनीना की 11, महेंद्रगढ़ की 6, नारनौल की 12, सिहमा की 8 ग्राम पंचायत एकल ग्राम योजना में शामिल है।