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तीन पार्षद बोले : सदन की बैठक में हर हाल में जाएंगे, इधर, चेयरपर्सन रीना बोलीं ः बिना अनुमति नहीं बैठ सकते

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लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते वार्ड पार्षद अमित मिश्रा और नरेंद्र खन्ना। - फोटो : Narnol
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नगर पालिका पार्षद अमित मिश्रा, नरेंद्र खन्ना, कमलेश तायल के पति सुनील तायल ने कहा कि उनके बैठक में हिस्सा लेने को किसी भी कोर्ट से किसी तरह की रोक नहीं है। उच्च न्यायालय की ओर से अविश्वास प्रस्ताव पर रोक लगाई है। कहा कि हम तीनों आगामी सभी बैठक में हिस्सा लेंगे। उन्हें एजेंडा नहीं भेजा जाएगा तो भी बैठक में शामिल होंगे। अपने वार्ड की समस्याओं का समाधान कराने के लिए बैठक में हर हाल में शामिल होंगे। पार्षदों के इस एलान के बाद बैठक में हंगामे के आसार हो गए हैं।
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वीरवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत में पार्षद अमित मिश्रा, नरेंद्र खन्ना, कमलेश तायल के पति सुनील तायल ने कहा कि चेयरपर्सन की ओर से प्रशासन को बरगलाया जा रहा है। हाईकोर्ट ने फैसले या आदेश में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने यह नहीं कहा कि पार्षद सदन की बैठक में हिस्सा नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि नगर पालिका चेयरपर्सन की ओर से जनता को भी बरगलाया जा रहा है। अपने क्षेत्र की समस्या को लेकर सदन की बैठक में आवाज उठाएंगे। पार्षदों ने कहा कि सुुरेंद्र बंटी शहरी निकाय निदेशक के आदेश अनुसार निलंबित हैं। वह किसी भी सूरत में बैठक में शामिल नहीं हो सकते। अगर उन्होंने बैठक में शामिल होने का प्रयास किया तो उनका विरोध किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में पार्षदों ने कहा कि 7 जनवरी की बैठक में शामिल होने के लिए उन्होंने याचिका दायर की थी। न्यायालय का फैसला आने से पहले ही बैठक शुरू होकर स्थगित हो चुकी थी। इस कारण अब याचिका का कोई औचित्य नहीं था। जिसके चलते अदालत ने उसे खत्म कर दिया।
प्रस्तावित बैठक को लेकर उठाए सवाल
पार्षदों ने 13 जनवरी की प्रस्तावित बैठक को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस दिन डीसी की कोर्ट में 6 पार्षदों की सदस्यता को लेकर सुनवाई होनी है। चेयरपर्सन ने यह केस डाला हुआ है। अब 6 पार्षद तथा चेयरपर्सन डीसी कोर्ट में अपना पक्ष रखने जाएंगे तो बैठक कैसे हो पाएगी। बैठक की अधिकृत सूचना किसी अधिकारी-कर्मचारी की ओर से जारी होने तक बैठक को वैध नहीं माना जा सकता।
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यह भी जानें
करीब 5 महीने बाद नगर नगर पालिका सदन की बैठक 7 जनवरी को बुलाई गई थी। तीन पार्षद बैठक में न बुलाए जाने पर अदालत पहुंच गए थे। बाद में डीसी के लेटर के आधार पर तीनों पार्षद बैठक में शामिल हो गए। तीनों पार्षदों के बैठक में शामिल होते ही नगर पालिका चेयरपर्सन ने बैठक को स्थगित कर दिया। उन्होंने नपा सचिव को लेटर जारी कर 9 सवालों पर जवाब मांगा। अगले दिन 8 जनवरी को चेयरपर्सन ने सचिव को रिलिविंग लेटर जारी कर दिया।
सदन की बैठक में कोई भी व्यक्ति चेयरपर्सन की अनुमति के बिना शामिल नहीं हो सकता। अधिकृत व्यक्ति , अधिकारी-कर्मचारी ही बैठक में आ सकते हैं। इसके अलावा कोई गलत तरीके से बैठक में आएगा तो यह गुंडागर्दी की श्रेणी में आएगा। 13 जनवरी को सुबह 10 बजे बैठक होगी। 12 बजे जब तब डीसी कोर्ट शुरू होगी तब तक बैठक खत्म हो जाएगी। डीसी कोर्ट की सुनवाई केस में पार्षदों का जाना अनिवार्य भी नहीं है।
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रीना गर्ग, चेयरपर्सन, नगर पालिका महेंद्रगढ़।
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