महेंद्रगढ़। हर साल आईपीएल की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट मैच कराने वाले पाली गांव के खिलाड़ी कोच और संसाधनों की कमी के चलते ठीक से अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। गांव स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में कबड्डी, वॉलीबॉल और क्रिकेट के कोच नहीं हैं। अपेक्षित संसाधनों का भी अभाव है। इसके चलते इन खेलों के खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है।
सिर्फ एथलेटिक्स के लिए एक निजी कोच को रखा गया है जो खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते हैं। जबकि कबड्डी, वॉलीबॉल और क्रिकेट के कोच नहीं हैं। खेल सुविधाओं की कमी के चलते गांव के खिलाड़ी निजी और संस्थागत अकादमियों के भरोसे अभ्यास करने को मजबूर हैं।
स्टेडियम में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण युवा प्रतिभाओं को अपने खेल कौशल को निखारने के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ता है। कबड्डी, वॉलीबॉल, क्रिकेट के खिलाड़ियों को स्टेडियम में मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। खिलाड़ियों ने कई बार कोच को तैनात करने की मांग की लेकिन प्रशिक्षकों की तैनाती नहीं हुई।
खिलाड़ियों के अनुसार स्टेडियम में नियमित कोच की नियुक्ति नहीं होने से खेलों की तकनीकी जानकारी और उन्नत प्रशिक्षण नहीं मिल पाता। इसके कारण अधिकांश खिलाड़ी जिला स्तर की प्रतियोगिताओं तक ही सीमित रह जाते हैं। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी शुरुआती दौर में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद आगे की प्रतियोगिताओं में जगह बनाने से वंचित रह जाते हैं।
यदि राजीव गांधी खेल स्टेडियम में योग्य प्रशिक्षक, आधुनिक खेल उपकरण और बेहतर अभ्यास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए तो क्षेत्र से राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं। खिलाड़ियों ने विशेष रूप से एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक, नियमित कोचिंग, जिम और अन्य खेल सुविधाएं शुरू करने की मांग उठाई है।
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हम नियमित रूप से अभ्यास करते हैं लेकिन स्टेडियम में कोच नहीं होने से तकनीकी मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। यदि प्रशिक्षक और बेहतर सुविधाएं मिलें तो राज्य स्तर का मुकाबला करने में सफल हो सकते हैं।- मोनीश, क्रिकेट खिलाड़ी
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एथलेटिक्स के लिए ट्रैक और आधुनिक उपकरणों की कमी है। अभ्यास के लिए कई बार दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। खेल सुविधाएं बढ़ेंगी तो अधिक युवा खेलों से जुड़ पाएंगे।- अनिल कुमार, क्रिकेट कोच
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खेल सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। सरकार को स्टेडियम के विकास और कोच की नियुक्ति पर ध्यान देना चाहिए ताकि युवा खेल क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकें।- मनीष, फिटनेस कोच
वर्जन
बीजेआरडी की ओर से खिलाड़ियों के लिए निशुल्क स्टेडियम व कोच की व्यवस्था की गई है। इसमें खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। अगर स्टेडियम में कोच की नियुक्ति हो जाए तो खिलाड़ियों को मार्गदर्शन मिलेगा और वे उच्च स्तर पर प्रतिभा दिखा पाएंगे।- संदीप तंवर, सचिव, मंदिर कमेटी