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ऑक्सीमीटर पर दो से अढाई हजार ब्लैक, शहर में लगभग एक दर्जन दवाओं का टोटा

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नारनौल। कोरोना के बढ़ते प्रभाव ने दवाओं का भी टोटा पैदा कर दिया है। कई दवाएं ऐसी भी हैं, जिनकी बिक्री पिछले दस दिनों में लगभग दस गुना बढ़ गई है। इसके अलावा सबसे अधिक परेशानी ऑक्सीमीटर को लेकर है। शहर के किसी भी मेडिकल स्टोर पर ऑक्सीमीटर नहीं मिल रहा है, जो ऑक्सीमीटर उपलब्ध है, वह केवल ऑन डिमांड मंगवाया हुआ है। सबसे हैरत की बात यह है कि ऑक्सीमीटर पर दो से ढाई हजार तक तय कीमत से अधिक रुपये वसूले जा रहे हैं।
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मेडिकल स्टोर संचालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डोक्सीसाइकलीन, एजीथ्रो, विटामिन सी, पैरासीटामोल की बिक्री पिछले दस दिन में दस गुना तक बढ़ी हुई है। आम आदमी घर में एतिहात के लिए पीसीएम व मल्टीविटामिन्स की टेबलेट लेकर जा रहा है। इसके अलावा दूसरे एंटीबायोटिक्स भी खरीदे जा रहे हैं।
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि लोगों को दवाओं का प्रयोग केवल चिकित्सकों के परामर्श से ही करना चाहिए। बिना परामर्श के ली गई दवाएं नुकसान भी कर सकती हैं। ऑक्सीमीटर की कमी शहर में बनी हुई है इसका अंदाजा है मगर तय कीमत से कोई अधिक पर बेचता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मेडिकल स्टोर्स पर ये नहीं मिल रहे
कोरोना के मरीज बढ़ने से लोगों ने ऑक्सीमीटर, भाप की मशीन व नेबुलाइजर बहुत अधिक खरीदे, जिसके चलते अब बाजार में इनकी किल्लत बनी हुई है। ऑक्सीमीटर तो शहर के किसी भी मेडिकल स्टोर पर नहीं मिल रहा है।
लगभग दस मेडिकल स्टोर पर पूछने के बाद भी किसी मेडिकल स्टोर पर यह नहीं मिला। स्टोर संचालकों का कहना है कि ऑक्सीमीटर केवल ऑन डिमांड आ रहे हैं वह भी दो से अढ़ाई हजार रुपए अधिक कीमत पर।
तीन दिन से बंद है यातायात व्यवस्था
लॉकडाउन लगने के बाद से यातायात व्यवस्था बंद है। जिले में दवाओं की गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही हैं। दवाएं अलग-अलग स्थानों से आती हैं। दूर से आने वाली दवाओं की कुछ बनी हुई है।
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