नारनौल। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा दसवीं कक्षा के परिणाम की तिथि के ऐलान के बाद सीबीएसई जुड़े स्कूलों में परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया 5 मई से शुरू हो जाएगी। सीबीएसई बोर्ड की हिदायतों के अनुसार प्रत्येक स्कूल सीनियर अध्यापकों की एक कमेटी गठित करेंगे जो विद्यार्थियों के शिक्षा का मूल्यांकन करेंगे। जो परिणाम तैयार होगा उसको ही सीबीएसई में भेजा जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया की खास बात यह रहेगी कि जो भी विद्यार्थी परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं होगा उन्हें कोरोना खत्म होने के बाद परीक्षा का अवसर दिया जाएगा। सीबीएसई के अनुसार 5 मई को स्कूलों को रिजल्ट कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके बाद 10 मई को रेशनल डॉक्यूमेंट तैयार होंगे। 15 मई को यदि स्कूलों कोई असेसमेंट करना चाहे तो वह होगा। इन सब के बाद 25 मई को परीक्षा परिणाम को अंतिम रूप दिया जाएगा। 5 जून को सीबीएसई में परीक्षा परिणाम को जमा करवाया जाएगा। 11 जून को इंटरनल असेसमेंट के अंक जमा होंगे व 20 जून को बोर्ड की ओर से 10वीं के परिणाम की घोषणा की जाएगी। परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए विद्यार्थी के तीन साल का रिकॉर्ड देखा जाएगा। इसमें जो वर्ष सबसे अच्छा होगा उसको ही गिना जाएगा। विषयों के अंक भी इसी हिसाब से जोड़े जाएंगे। 10वीं के नतीजों में हर विषय के 100 अंकों में 20 प्रतिशत अंक आंतरिक मूल्यांकन और 80 प्रतिशत अंक बोर्ड परीक्षाओं के होते हैं। आंतरिक मूल्यांकन के 20 अंक पहले की तरह जुड़ेंगे। जिला महेंद्रगढ़ में सीबीएसई बोर्ड से लगभग 62 स्कूल जुड़े हुए है।
प्रिंसिपल बाबूलाल यादव ने बताया कि सीबीएसई की ओर से रिजल्ट तैयार करने को लेकर बोर्ड की ओर से फार्मूला मिल गया है। आठ सदस्यीय रिजल्ट कमेटी बनाई जाएगी जिसमें स्कूल के प्रिंसिपल के अलावा सात शिक्षक होंगे। जिनमें मैथ, सोशल साइंस, साइंस और दो लैंग्वेज टीचर होंगे। इसके अतिरिक्त बोर्ड के नोटिफिकेशन के अनुसार कमेटी में दो टीचर पड़ोस के स्कूल से भी रखे जाएंगे।