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खामियों के नाम रही ऑक्शन रिकार्डर परीक्षा

Sun, 15 May 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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ऑक्‍शन रिकार्डर परीक्षा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा रविवार को आयोजित ऑक्सन रिकार्डर की परीक्षा में खामियां और परीक्षार्थियों की गहन जांच चर्चाओं में रहा। दूर दराज से रात को ही केंद्रों तक पहुंचे परीक्षार्थियों को रोल नंबर स्लिप में विसंगतियां होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। कई परीक्षार्थी इस कारण देरी से केंद्रों तक पहुंचे। वाहनों की कमी और ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बाद भी सड़कों पर जाम की स्थिति रही। परीक्षा केंद्र में जाने से पहले नोज पिन, रुमाल, पेन भी बाहर ही रखवा लिए थे। परीक्षार्थियों को जांच के तीन चरणों से गुजरना पड़ा। जिले में 14850 परीक्षार्थियों ने ऑक्सन रिकार्डर की परीक्षा दी।
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रात को ही पहुंचे थे परीक्षार्थी
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित ऑक्सन रिकार्डर की परीक्षा 14850 परीक्षार्थियों ने दी। उक्त परीक्षा के लिए महेंद्रगढ़ और नारनौल में 56 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसमें से 34 परीक्षा केंद्र महेंद्रगढ़ में बनाए थे जबकि 22 नारनौल में बनाए गए थे। पूरी परीक्षा के लिए जिले से 20 भवन हायर की हुई थीं। यह परीक्षा 10.30 से 12  बजे चली। जिले  में ऑक्सन रिकार्डर की परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थी रात्रि को ही सेंटरों तक पहुंच गए थे। शहर की धर्मशालाएं रात्रि को बुक हो गई थीं, जबकि बहुत से लोग अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरे थे, तो कुछ सुबह निजी साधनों से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे।

रोल नंबर स्लिप में थीं त्रुटियां
परीक्षार्थियों की रोल नंबर स्लिप पर परीक्षा केंद्र पूरा पता नहीं था। केवल केंद्र का नाम और महेंद्रगढ़ ब्लाक-ए, बी लिखा हुआ था। इस कारण परीक्षार्थियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। शरबती सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र का नाम में गलती थी। शरबती की जगह शरबतो लिखा था। इतना नहीं महेंद्रगढ़ की स्पेलिंग दो अलग-अलग दे रखी थी।
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तीन बार जांच के बाद पहुंचे सीट पर
परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को केवल रोल नंबर स्लिप और आईडी प्रूफ अंदर ले जाने की अनुमति थी। पेन भी अंदर ले जाना मना था। परीक्षार्थियों को पेन अंदर से ही दिया गया था। परीक्षार्थियों को सीट पर पहुंचने से पहले तीन बार चेकिंग की गई। परीक्षार्थियों के रुमाल, नोज पिन, कानों की बाली भी निकलवाली गई।

समूची परीक्षा हुई कैमरे में कैद
शिक्षामंत्री का जिला होने के कारण आयोग की निगाह महेंद्रगढ़ जिले पर थी लेकिन जिला प्रशासन की सख्ताई और सूझबूझ से परीक्षा शांतिपूर्ण हुई। पूरी परीक्षा तीसरी आंख की निगाहों में हुई। यहां तक की पेपर खोलने की भी वीडियोग्राफी की गई। मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। परीक्षार्थियों के कमरे में आगे-पीछे दो तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे थे। इसके बाद उनकी वीडियोग्राफी भी की गई। जबकि पेपर आदि की पैकिंग भी वीडियोग्राफी से  करवाई गई।


बसों का रहा अभाव
रविवार को जिले में सोनीपत, पानीपत, रोहतक, फरीदाबाद, गुड़गांव, पलवल, रेवाड़ी सहित अनेकों जिलों से परीक्षार्थी परीक्षा देने आए थे। रोडवेज बसों के अभाव के कारण परीक्षार्थियों और उनके परिजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। परीक्षार्थी बसों की छतों पर बैठकर अपने गंतव्य को जा रहे थे। तेज धूप में बसों के अंदर और बाहर बैठने की जगह नहीं थी। बहुत से लोगों को तो बसों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
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