नारनौल। एडीजे हर्षाली चौधरी ने रेत के अवैध खनन को लेकर निचली अदालत के आदेश को रद्द करते हुए वाहन छोड़ने का आदेश दिया है। साथ ही याची राजस्थान के झुंझुनूं निवासी अजीत सिंह को जुर्माने का 30 प्रतिशत जमा कराने का आदेश दिया है।
अजीत के ट्रक को 5 अगस्त 2025 को नारनौल में अवैध तरीके से रेत के परिवहन के आरोप में पकड़ा गया था। खनन विभाग ने वाहन को थाने में खड़ा करा दिया था।
इस मामले में निचली अदालत ने सुपुर्दारी अर्जी इस आधार पर खारिज कर दी थी कि वाहन 2019, 2020 व 2022 में बार-बार अपराध में शामिल रहा है। बकाया जुर्माना भी जमा नहीं किया है। इस फैसले को अजीत ने एडीजे कोर्ट में चुनौती दी थी।
वकील ने तर्क दिया कि वाहन पुलिस स्टेशन में खड़ा-खड़ा खराब हो रहा है। वाहन मालिक अदालत की सभी शर्तों को मानने और सुरक्षा बांड भरने को तैयार है। सरकारी वकील ने कहा कि वाहन चौथी बार पकड़ा गया है। जुर्माना और मुआवजा भी बकाया है।
एडीजे ने कहा कि वाहनों को लंबे समय तक थाने में नहीं रखना चाहिए। वे बेकार हो जाते हैं। खनन विभाग ने वाहन को स्थायी रूप से जब्त करने की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है। कोर्ट ने वाहन छोड़ने का आदेश दिया। साथ ही जुर्माना के 4.5 लाख का 30 फीसदी खनन विभाग में जमा कराने का आदेश दिया। संवाद