फोटो 21 अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के सदस्य।स्रोत:एसोसि
नारनौल। हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन ने 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य करने के फैसले का विरोध किया है। मंगलवार को जिला कार्यकारिणी ने पंचायत भवन में बैठक के बाद मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम सीटीएम को ज्ञापन सौंपा।
जिला महासचिव डॉ. जसवंत यादव ने बताया कि शिक्षा विभाग के 14 सितंबर के आदेश के अनुसार 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को दो साल के भीतर टीईटी पास करना होगा। निर्धारित समय में परीक्षा पास नहीं करने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, पांच साल से कम सेवा वाले शिक्षकों को इससे छूट दी गई है। पदोन्नति के लिए भी टीईटी पास करना जरूरी किया गया है।
जिला प्रधान कृष्ण कुमार नंगली ने कहा कि वर्षों से पढ़ा रहे अनुभवी शिक्षकों की योग्यता का आकलन केवल दो घंटे की परीक्षा से करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों के अनुभव और सम्मान पर असर पड़ेगा।
एसोसिएशन ने सरकार से आदेश वापस लेने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि मांग नहीं मानी गई तो प्रदेशभर के शिक्षक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में जिला वरिष्ठ प्रधान सुरेश यादव, सचिव अभय सिंह, कनीना खंड प्रधान रामकिशन यादव, अटेली खंड प्रधान मनोज कुमार, नारनौल खंड प्रधान महेंद्र यादव, जिला सचिव सुरेंद्र जोनावासिया व अभय यादव, पूर्व खंड प्रधान यादव अगेंद्र यादव, सुरेश यादव समेत सैकड़ों प्राइमरी शिक्षक मौजूद रहे।