फोटो नंबर-07नारनौल का ट्रामा सेंटर।
नारनौल। नागरिक अस्पताल का ट्रामा सेंटर बनकर तैयार हो चुका है। जिला अस्पताल में चिकित्सक उपचार करने के लिए तैयार हैं लेकिन इससे पहले मशीन उपलब्ध करवानी होगी। अभी ओटी टेबल, बेहोशी की मशीन और ओटी लाइट नहीं होने से कूल्हा, घुटने प्रत्यारोपण सहित अनेक ऑपरेशन करने में परेशानी हो रही है।
इन मशीनों के अभाव में कई बार चिकित्सक को मरीज रेफर भी करना पड़ रहा है। हड्डी रोग विशेषज्ञ होने के बाद मशीनों के अभाव में ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 150 से 200 ओपीडी रहती है। इसमें से चार-पांच ऐसे मरीज भी होते हैं जिनका उपचार ऑपरेशन से ही किया जा सकता है।
अभी नाम का ही ट्रामा सेंटर बना है जहां मशीनों का अभाव बना हुआ है। लगभग 11 लाख आबादी वाले जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। चिकित्सकों का कहना है कि अगर उक्त मशीन मिल जाए तो ज्यादातर मरीजों का यहीं ऑपरेशन हो सकता है।
पांच लाख की मशीन नहीं खरीद पा रहा विभाग
अजीब बात है न कि चिकित्सकों का वेतन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से समय पर लाखों रुपये दिया जाता है लेकिन मशीन खरीदने में विभाग की तरफ से अनेक वर्ष लग जाते हैं। आधी अधूरी मशीन होने की वजह से मरीजों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। मरीजों को निजी अस्पताल में जाकर इलाज करवाना पड़ रहा है।
वर्जन:
अभी ट्रामा सेंटर में ओटी टेबल, बेहोशी की मशीन और ओटी लाइट उपलब्ध नहीं है जिसकी वजह से ऑपरेशन करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अगर ये मशीन मिल जाए तो बड़े ऑपरेशन भी आसानी से नागरिक अस्पताल में होने शुरू हो जाएंगे।
-डॉ. कृष्ण कुमार यादव, हड्डी रोग विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल।