प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को आशियाना बनवाने का ख्वाब पूरा नहीं हो पा रहा है। कोई डीपीसी के बाद पहली तो कोई दूसरी किश्त जारी होने की आश में है तो बहुत ऐसे लोग हैं, जिनके आवेदन पास होने के बाद भी पैसे नहीं मिले हैं। इस योजना के तहत 1307 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें से 216 लोग पात्र मिले हैं। इसमें से मात्र 35 लोगों को पहली किश्त जारी हुई है।
बता दें कि साल 2017 में पीएम आवास योजना के तहत लोगों से आवेदन मांगे गए थे। इसके तहत करीब 1307 लोगों ने आवेदन किया था। उन्हें उम्मीद थी कि सरकारी पैसे कम ब्याज पर मिलने के बाद घर बन सकेगा। इन पात्र लोगों को भी नप पैसा नहीं जारी करवा सका। नप से मिली जानकारी के अनुसार 216 लोगों के आवेदन सभी मानकों को पूरा करते हैं। इसमें से 35 लोगों को पहली किश्त जारी की जा चुकी है। 16 लोगों को कागजात जमा करने के बाद दूसरी किश्त की प्रक्रिया चल रही है। 18 ऐसे आवेदन अवैध एरिया के मिले थे। 43 लोगों के कागजात पूरे न होने पर उन्हें दोबारा से नोटिस भेजा गया है। पीएम आवास के लिए समय से कार्य न होने पर आवेदक क्षेत्र के पार्षद और नप का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, उन्हें इसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाती। लोगों का कहना है कि जब आवेदन सही हैं तो पैसे जारी करने में देरी क्यों की जा रही है। दूसरा जिसने डीपीसी का कार्य पूरा कर लिया है, उसे पैसे जारी करने में भी देरी हो रही है।
साल 2017 में किया था आवेदन अभी तक नहीं मिला पैसा
मोहल्ला पुल बाजार निवासी 63 वर्षीय पवन कुमार स्वामी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई 2017 में आवेदन किया था। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 31 अक्तूबर 2018 में मंजूरी मिली थी। पवन बताते हैं कि सालों पुराने भवन के मरम्मत और टॉयलेट बनवाने का काम मुश्किल लग रहा है। रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन पोषण करने वाले पवन नप अधिकारियों की कार्यप्रणाली से परेशान हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 56 गज के प्लॉट पर बने पुराने मकान को मरम्मत कराने और टॉयलेट बनवाना चाहते हैं। अब नप के अधिकारी और भी कागजात मांग रहे हैं। तीन दिन पहले नोटिस मिली थी। इसमें सभी भाइयों से शपथ पत्र लिखकर मांग रहे हैं। यह एक पवन कुमार का दुखड़ा नहीं है। ऐसे कई लोग हैं, जो पीएम आवास के तहत पैसे की आस में नप के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
पीएम आवास संबंधित फाइलों को ईओ को जांच कराने को कहा है। यदि फाइलों में कमियां हैं तो पूूरा कराकर पैसे जारी करें। जो फाइलें पास नहीं हो सकती हैं, आवेदकों को बताएं। बेवजह लोगों की फाइलें नप में नहीं रुकनी चाहिए। यदि किसी की फाइल पास हो चुकी है तो पैसे जारी करने में कोई अधिकारी देर नहीं करें।
भारती सैनी, चेयरपर्सन नप नारनौल
वार्ड तीन से लगभग 58 लोगों ने आवेदन रिया था। इसमें से किसी का भी पैसा पास नहीं हुआ है। कइयों की तो फाइलों भी गुम हो गई। इससे थकहार के लोग घर बैठ गए है। मैने अपने स्तर पर कई बार प्रयास किया लेकिन लोगों को पैसे नहीं मिले हैं। नप के अधिकारी सरकार की इस योजना को लेकर गंभीर नहीं हैं।
मोहन लाल शर्मा, पार्षद वार्ड 3
पीएम आवास योजना की फाइलों में कमियां हैं। आवेदकों को कमियों को दूर करने को कहा गया है। यदि कमियों को दूर नहीं करेंगे को रिजेक्ट कर दिया जाएगा। 216 फाइलों में भी कइयों में कमियां है। अभी लोगों को इसे पूरा करने के लिए समय दिया जा रहा था, अब कागजात पूरा न करने पर फाइल रिजेक्ट की जा रही है। 15 फाइलों को रिजेक्ट कर दिया गया है।
सोहन सिंह, एमई नप नारनौल
मनोज--