नारनौल। महेंद्रगढ़ जिले में पिछले साल सात मई 2020 को तीन कोरोना मरीज मिले थे। इसके बाद जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई थी। हालांकि इस साल फरवरी में जिला कोरोना मुक्त हो गया था। लेकिन, मार्च से कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई और लोगों की जान पर आफत बन गई है। पिछले साल कोरोना के सबसे अधिक मामले सितंबर में 1699 आए थे। जबकि इस साल अप्रैल में 2882 संक्रमित और छह मई तक 3595 कोरोना मरीज आ चुके हैं। विशेषज्ञों की माने ते अभी कोरोना का पीक आना बाकी है।
बता दें कि जिले में कोरोना वायरस के मरीज पिछले साल सात मई को आए थे। इसके बाद से ही जिले में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी थी। सरकार द्वारा लॉकडाउन में मिली छूट और अनलॉक में जैसे बाजार और अन्य गतिविधियां शुरू हुई, वैसे मरीजों की संख्या का ग्राफ भी बढ़ता चला गया था। इस साल मार्च से कोरोना की दूसरी लहर में पिछले सभी रिकॉर्ड टूटते जा रहे हैं। लगातार गांवों व शहरों में कोरोना के मामले आ रहे हैं। जिले के कई गांव कोरोना का हॉट स्पाट बने हुए हैं। वहीं जेल में काफी बंदी व कैदी संक्रमित हो रहे हैं।
नारनौल शहर में सबसे अधिक कोरोना के मरीज
पिछले साल जिले में 1462 मरीजों में से सबसे अधिक मरीज नारनौल शहर थे। हेल्थ विभाग के अनुसार नारनौल एरिया में 561, महेंद्रगढ़ में 104, अटेली में 254, कनीना में 116, नांगल चौधरी में 170, सतनाली 67, डीसीएच में 79, सेहलंग में 29 और नांगल सिरोही एरिया में 82 कोरोना मरीज मिले थे। जिले में नारनौल और अटेली कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित थे।
टीकाकरण के बावजूद संक्रमण ज्यादा
जिले में कोरोना नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 केयर सेंटर पटीकरा, जिला नागरिक अस्पताल नारनौल, सीएचसी अटेली, सीएचसी कनीना और महेंद्रगढ़ अस्पताल में मरीजों को आइसोलेट करने का इंतजाम किया हुआ है। इसमें कोविड-19 केयर सेंटर में करीब 200 मरीजों के रखने का इंतजाम है। पहले हालात यह हो गए थे कि जिला प्रशासन 500 अतिरिक्त बेड़ के इंतजाम में लगा हुआ था। टीकाकरण अभियान चल रहा और इसके बावजूद भी कोरोना मरीज बढ़ रहे हैं।
सितंबर में पीक पर था कोरोना
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले साल मई से नवंबर तक में सबसे अधिक कोरोना का संक्रमण सितंबर में हुआ। महेंद्रगढ़ जिले में मई में 42, जून में 242, जुुलाई में 522, अगस्त में 940, सितंबर में 1699, अक्तूबर में 1502, नवंबर में 1316 मरीज और दिसंबर 306 मरीज में आए। ऐसे में जिले में कोरोना वायरस का पीक सितंबर में हुआ।
124 स्वास्थ्य कर्मी हुए संक्रमित
जिले में कोरोना वायरस के मरीजों की जांच और उपचार करने वाले 124 स्वास्थ्य कर्मी भी संक्रमित हो गए थे। इसमें 33 डॉक्टर भी शामिल हैं। संक्रमितों में 33 डॉक्टर, 32 एएनएम व आशा, सात स्टाफ नर्स, दस एमपीडब्ल्यू, दस वार्ड अटेंडेंट, छह फार्मासिस्ट, चार कंप्यूटर ऑपरेटर, आठ सफाई कर्मी, छह एलटी/एसटीएलएस के अलावा अन्य स्टाफ शामिल है।
पहला केस सात मई को आया
जिले में कोरोना वायरस का पहला मरीज सात मई को मिला था। दिल्ली रेलवे पुलिस के तीन कर्मी हुडा सेक्टर के हाउसिंग बोर्ड में रुके हुए थे। दिल्ली में एक निजी लैब में जांच कराई तो पॉजिटिव रिपोर्ट आई।
पहली मौत जून में
कोरोना वायरस से 21 जून को एक व्यक्ति (80) की मौत हुई थी। इसके बाद 5 सितंबर, 8, 15, 17, 20 व 21 सितंबर को एक-एक कोरोना मरीजों की मौत हुई। 31 अक्तूबर को एक मरीज की मौत हुई। 13, 22 व 30 नवंबर को एक-एक कोरोना संक्रमित की मौत हुई। 2 दिसंबर, 6, 9, 12 व 20 दिसंबर को कोरोना मरीजों की मौत हुई। तीन जनवरी को एक और बुजुर्ग की मौत हुई। कोरोना की
पिछले साल सात मई को तीन केस, इस साल 866
पिछले साल सात मई को कोरोना के तीन मामले आए थे। जबकि इस साल छह मई को ही 866 मामले आ चुके हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि कोरोना की दूसरी लहर कितनी घातक है। ऐसे में लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
सैंपलिंग व रिपोर्ट-(चार मई )
सैंपल- कुल - पॉजिटिव- पॉजिटिव रेट (प्रतिशत)
आरटी-पीसीआर- 169391 -9430 -5.6
एंटीजन किट - 36130 -2068 -5.7
कुल- 205521 -11516 -5.5
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महीने वार मरीज समेत अन्य ब्यूरो-
माह-कुल-कांटेक्ट-ट्रैवेल-अज्ञात
मई 2020- 42 -4 -38 -0
जून 2020-242 -60 -179 -3
जुलाई 2020-522 -393 -92 -37
अगस्त 2020-940 -868 -49 -23
सितंबर 2020-1699 -1667 -8 -24
अक्तूबर2020-1502-1488-2-12
नवंबर20202-1320-1301-18-1
दिसंबर2020-306-304-1-1
जनवरी-2021-39-0-0-
फरवरी-2021-2-0-0
मार्च 2021-32-8-4
अप्रैल 2021-2836-21-25
मई-2021-3595-0-0
कोरोना मरीजों को देखते हुए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। नारनौल के अलावा अन्य जगहों पर आइसोलेशन सेंटर बनाए जा रहे हैं। सरकार के निर्देशानुसार टीकाकरण भी चल रहा हैं। कोरोना की लड़ाई में हर डॉक्टर और कर्मचारी जुटा हुआ है। लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को लेकर सतर्कता बरतनी चाहिए।
-डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ नारनौल
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोविड-19 केयर सेंटर शुरू हो गया है। पिछले साल 10 मई को सेंटर शुरू हुआ था। बीच में कोरोना मरीज न होने से बंद कर दिया गया था। अब दोबारा से सेटरों में मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।
-डॉ. हर्ष चौहान, डिप्टी सीएमओ
कोरोना महामारी के बीच अस्पताल में अन्य मरीजों को बेहतर सेवाएं देने का प्रयास है। इसके लिए डॉक्टरों व अन्य स्टाफ को सतर्कता बरतते हुए उपचार करने की हिदायत है। फ्लू कार्नर की सेवाएं 24 घंटे जारी है।
-डॉ. आशा शर्मा, एमएस नागरिक अस्पताल
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टीकाकरण का काम तेजी से चल रहा है। अब 18 आयु वर्ग के लोगों को भी टीका लगाया जा रहा है। इसके लिए हर स्तर पर इंतजाम किया गया है। पात्र इसका लाभ उठाए ताकि कोरोना से जंग लड़ी जा सके।
-डॉ. नरेंद्र कुमार, टीकाकरण प्रभारी