महेंद्रगढ़। जवाहरलाल नेहरू कैनाल में पानी आने में अभी एक सप्ताह का समय है। ऐसे में होली पर्व पर शहर में पेयजल संकट गहरा सकता है। एक माह से नहरों में पानी नहीं आया है।
गांव देवास स्थित जल परियोजना के 24 करोड़ लीटर पानी के चार टैंकों में से एक खाली हो चुका है। अब 14 मार्च को नहरी पानी छोड़ने की संभावना है। जिले में पानी पहुंचने में दो दिन का समय लग सकता है। 14 फरवरी को जेएलएन में पानी बंद हुआ था। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो सप्ताह से पानी की राशनिंग की जा रही है।
जन स्वास्थ्य विभाग को शहर की करीब एक लाख की आबादी के लिए देवास जलघर के अलावा शहर व आसपास के गांवों में बने 12 बोरवेल का सहारा है। देवास जलघर के चार में से टैंक नंबर एक खाली हो चुका है। तीन और चार नंबर टैंकों में दो से तीन फिट पानी है। जबकि दो नंबर टैंक में आठ फिट पानी है। होली पर्व के साथ गर्मी शुरू हो जाएगी। पानी की मांग भी दो गुणा बढ़ चुकी है। विभाग के पास नहरी पानी समाप्त होने पर पेयजल आपूर्ति के लिए 12 बोरवेल ही विकल्प है, जो इतनी बड़ी आबादी को मांग के अनुसार पानी उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं हैं।
जन स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में शहर की वैध काॅलोनियों में करीब 40 हजार की आबादी है। इस आबादी के लिए प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 155 लीटर पानी के हिसाब से 62 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन इस समय महज 30 लाख लीटर पानी ही शहरी आबादी तक पहुंच रहा है। वहीं दूसरी ओर शहर की अवैध कॉलोनियों में वर्तमान आबादी करीब एक लाख तक पहुंच चुकी है। इनमें से बड़ी आबादी ने अवैध रूप से पेयजल की लाइनों से कनेक्शन किए हुए हैं। इसके कारण विभाग का पानी आपूर्ति का शेड्यूल भी गड़बड़ा रहा है। रिकार्ड के आधार पर भी विभाग आबादी को आधा पानी भी ठीक से नहीं पहुंचा पा रहा है।
इसेट
- मिलने वाले पानी में जनवरी से हो रही है कटौती
जिला में अधिकांश पेयजल आपूर्ति नहरी पानी पर आधारित है। जेएलएन को जिले में पानी की आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है, लेकिन इस बार जनवरी से ही जिले को मिलने वाले नहरी पानी में लगातार कटौती की जा रही है। लंबे समय से जेएलएन में एक माह के दौरान केवल 15 दिन ही पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में नहरी पानी पर आधारित अधिकांश जलघरों को भरा जाता है। उनसे एक माह तक पेयजल आपूर्ति की जाती है।
- वर्जन
जेएलएन में 14 मार्च को खुबडू हेड से पानी छोड़े जाने की संभावना है। दो दिन का समय पानी आने में लगेगा। नहर में पानी आते ही पहले जलघरों से जुड़ी नहरों में पानी की आपूर्ति की जाएगी। प्रथम चरण में पेयजल आपूर्ति के लिए बनाए टैंकों को नहरी पानी से भरा जाएगा। - सुरेंद्र जांगड़ा, उपमंडल अधिकारी नहरी एवं सिंचाई विभाग
- वर्जन
इस समय राशनिंग के आधार पर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। नहरों में पानी आते ही नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। नहरी पानी आने में देरी होती है तो विकल्प के रूप में बोरवेलों के माध्यम से आपूर्ति की व्यवस्था है। शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - जियाराम, उपमंडल अधिकारी जन स्वास्थ्य विभाग