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Mahendragarh-Narnaul News: खेतड़ी में भ्रूण लिंग परीक्षण करते एक गिरफ्तार

Mon, 10 Nov 2025 12:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो नंबर-40टीम की गिरफ्त में भ्रूण लिंग जांच का आरोपी। स्रोत-विभाग - फोटो : udhampur news
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नारनौल। हरियाणा और राजस्थान की पीसीपीएनडीटी ( गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक) टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रविवार को राजस्थान के खेतड़ी क्षेत्र में भ्रूण लिंग परीक्षण के अवैध कार्य का भंडाफोड़ किया।
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टीम ने पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड करने वाले खेतड़ी निवासी अवधेश पांडे को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया। टीम ने लिंग परीक्षण में प्रयुक्त पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी जब्त कर ली। गिरफ्तार आरोपी को खेतड़ीनगर थाना पुलिस को सौंप दिया गया है।
नारनौल से पीसीपीएनडीटी सेल के नोडल अधिकारी डॉ. विजय कुमार ने बताया कि कई दिनों से सीमावर्ती क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं को ले जाकर भ्रूण लिंग जांच कराने की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर हरियाणा और राजस्थान की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करने का निर्णय लिया। जांच के लिए साढ़े पांच माह की गर्भवती महिला को डमी ग्राहक के रूप में तैयार किया गया। आरोपी ने उससे लिंग परीक्षण के लिए 50 हजार रुपये की मांग की थी।
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सूचना की पुष्टि होने पर पीसीपीएनडीटी टीम ने महिला को 50 हजार रुपये देकर भेजा और खुद अलग-अलग वाहनों में निगरानी करती रही। आरोपी महिला को बोलेरो में बैठाकर बीलवा चौराहे से होते हुए खेतड़ी नगर थाना क्षेत्र के बडाऊ गांव के एक मकान में ले गया, जहां एक व्यक्ति पीठ पर थैला लटकाकर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लेकर पहुंचा। उसने कमरे में महिला की जांच की और भ्रूण के रूप में लड़की होना बताया। इसके बाद एजेंट ने महिला से रुपये लिए।
इसी दौरान डमी ग्राहक के इशारे पर हरियाणा और राजस्थान की संयुक्त टीम ने मौके पर छापा मारा। टीम को देखकर एजेंट सत्येंद्र एसयूवी गाड़ी लेकर फरार हो गया, जबकि अल्ट्रासाउंड करने वाला व्यक्ति अवधेश पांडे निवासी खेतड़ी मौके से पकड़ लिया गया। उसकी तलाशी में 27 हजार रुपये बरामद हुए, जो पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा डमी महिला को दिए गए थे। कार्रवाई में नारनौल पीसीपीएनडीटी सेल के डॉ. विजय, झुंझुनूं आरसीएचओ डॉ. दयानंद सिंह, अनिश सोनी, प्रदीप कुमार, एचसी अनिल कुमार, रितेश कुमार, आनंद कुमार और दिनेश कुमार शामिल रहे।

वर्जन
अवधेश पांडे के खिलाफ पहले से ही दो मामले नारनौल और पांच मामले राजस्थान में दर्ज हैं। उसके पास से मिली पोर्टेबल मशीन का कोई पंजीकरण नहीं है और न ही उसके पास सोनोग्राफी करने की कोई शैक्षणिक योग्यता है।
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डॉ. विजय कुमार, नोडल अधिकारी, पीसीपीएनडीटी सेल, नारनौल।
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