गांव बसई में भरे पानी को दिखाते हुए ग्रामीण।
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महेंद्रगढ़। गांव बसई में बारिश का पानी भरा होने पर ग्रामीणों में रोष है। सोशल मीडिया पर ग्रामीणों ने इस समस्या को उजागर किया। इसके बाद पंचायत ऑफिसर मोहनलाल गांव में पहुंचे। उन्होंने मौके का मुआयना किया। ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारी ने गाड़ी से उतरकर समस्या नहीं सुनी।
सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने पिछले वर्ष गांव बसई को गोद लिया था। गांव में अभी तक विकास कार्य शुरू नहीं हो सके। बारिश के मौसम में पानी गांव के जोहड़ से ओवरफ्लो होकर गलियों में आ गया है। जिस कारण लोगों को अपने घरों से निकलना भी दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर रविवार से धरना देने का एलान किया था।
रविवार को पंचायत अधिकारी मोहनलाल गांव में पहुंचे। उन्होंने गाड़ी में बैठे बैठे ही निरीक्षण किया। स्टेडियम में करीब 20- 25 ग्रामीण बैठे हुए थे। अधिकारी को मौके पर आया देखकर ग्रामीणों ने उनसे मिलने की कोशिश की। ग्रामीणों का आरोप है कि वह आवाज लगाते रहे। पंचायत अधिकारी गाड़ी से नहीं उतरे। अधिकारी मौके पर आए थे तो उन्हें ग्रामीणों से मिलना चाहिए था। गांव में जलभराव की विकट समस्या है। आसपास के मकानों में दरारें आ चुकी हैं। मंदिर का मुख्य रास्ता, गांव का मेन खेल का मैदान व आरओ प्लांट से पानी लाने के लिए प्लांट पर पहुंचने के लिए बारिश के पानी से ही गुजरना पड़ता है।
समस्या का समाधान होना चाहिए : अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ग्रामीण सुंदरलाल, नेतराम, नवीन, जोगिंदर शर्मा, संजय, रणबीर, पीटीआई अनिल सिंह, दीपक जोशी, जितेंद्र सिंह व समुंदर सिंह आदि ने कहा कि अब सब्र का बांध टूट रहा है। जब तक उग्र रूप नहीं दिखाया जाएगा, तब तक प्रशासन जागने वाला नहीं है। छोटे बच्चों को घर से निकलना बड़ा मुश्किल हो गया है। बारिश का पानी कई दिन भरा होने से इसमें बदबू फैल रही है, जिससे महामारी फैलने का खतरा हो गया है। सरपंच प्रतिनिधि हरिओम सिंह ने कहा कि पंचायत अधिकारी आए थे। उन्होंने 3 दिन का समय मांगा है। सोमवार को महेंद्रगढ़ बीडीपीओ कार्यालय बुलाया है। सोमवार को दो वाटर पंप उपलब्ध करवाए जाएंगे। पानी निकासी के बाद नाले का काम शुरू कराएंगे।