नारनौल/महेंद्रगढ़। आईएमटी खुडाना की सड़क के लिए आदलपुर में जमीन का विवाद नहीं सुलझने के कारण आईएमटी के पहले फेज का कार्य नहीं हो सका है। इस मुद्दे को अमर उजाला ने मंगलवार को अंक में माई सिटी के पहले पेज पर ‘आईएमटी खुडाना के लिए नहीं सुलझा रास्ते का विवाद’ शीर्षक से प्रकाशित खबर जिला प्रशासन ने संज्ञान में लिया। इसके बाद प्रशासन ने अब खुडाना से खरकड़ा होते आकोदा तक सड़क बनाने की योजना बनाई है।
उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर मंगलवार को गांव खुडाना पहुंचे। उन्होंने राजपूत धर्मशाला में ग्रामीणों के साथ बैठक ली। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि अगर आदलपुर वाला रास्ता नहीं मिल रहा है तो खुडाना से खरकड़ा-आकोदा तक सड़क के लिए जमीन खरीदी जाएगी। इसके बाद ही आईएमटी के लिए पंचायती भूमि के स्थानांतरण की कार्रवाई की जाएगी। ई भूमि अपलोड करवाने के लिए गांव की धर्मशाला में एक सप्ताह के लिए कर्मचारी बैठाए जाएंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि आईएमटी की सड़क के लिए जमीन देने के लिए तैयार हैं। उपायुक्त ने कहा कि खुडाना से खरकड़ा-आकोदा तक 200 फीट चौड़ी रोड के लिए जमीन ली जाएगी। इसके लिए 20 एकड़ जमीन खरीदी जानी है। ग्रामीण आपसी सहमति बनाकर सड़क के लिए ई भूमि पोर्टल पर अपनी सहमति दें। इसके लिए आईएमटी की ओर से कैंप लगाए जाएंगे जिसमें ग्रामीण ई भूमि पोर्टल पर अपनी सहमति दे सकेंगे। बताया कि आदलपुर और आकोदा की ओर से 60-60 मीटर के दो रास्ते बनाए जाएंगे। आदलपुर की ओर से कुल 32 एकड़ 7 कनाल 1 मरला जमीन पड़ती है। इनमें 13 एकड़ 1 कनाल 10 मरला जमीन आदलपुर और 19 एकड़ 5 कनाल 11 मरला जमीन गांव खुडाना की है। दोनों गांवों की मात्र 2 एकड़ 7 कनाल 19 मरला भूमि पंचायत की है।
खरकड़ा-आकोदा के रास्ते पर गांव आकोदा की 14 एकड़ 1 कनाल 5 मरला पंचायत और 3 एकड़ 1 कनाल 4 मरला प्राइवेट जमीन है। इसी रास्ते पर गांव खुडाना पंचायत की 2 एकड़ 3 कनाल 16 मरला तथा 17 एकड़ 3 कनाल 11 मरला प्राइवेट जमीन है। इस रास्ते पर दोनों गांवों की कुल 36 एकड़ 9 कनाल 12 मरला जमीन की जरूरत होगी।
बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 24 फरवरी 2019 को गांव खुडाना में रैली आयोजित कर आईएमटी की आधारशिला रखी थी। साढ़े तीन वर्ष बाद आईएमटी पर जमीन ट्रांसफर का कार्य भी पूरा नहीं हुआ। रास्ते का विवाद नहीं सुलझ सका है।
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1654 एकड़ में बनेगी आईएमटी
उपायुक्त डॉ. आभीर ने बताया कि हरियाणा सरकार यहां पर लगभग 1654 एकड़ जमीन में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप बनाएगी। इसमें लगभग 1031 एकड़ जमीन पंचायत की और 622 एकड़ जमीन प्राइवेट है। अभी तक लगभग 3300 भू स्वामियों में से 600 ने ई-भूमि पोर्टल पर अपनी सहमति दी है। 75 फ़ीसदी सहमति होते ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
क्षेत्रीय लोगों को मिलेंगे रोजगार के अवसर
उपायुक्त ने बताया कि इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप बनने के बाद यहां आसपास के क्षेत्रों के विकास के मार्ग प्रशस्त होंगे। यहां पर सीएसआर के तहत भी गांव के विकास पर पैसा खर्च होगा। इस अवसर पर एसडीएम वकील अहमद, बीडीपीओ निशा तंवर, तहसीलदार दयाचंद यादव, एचएसआईआईडीसी के एजीएम एसएस लांबा और मैनेजर ज्ञानवीर पुनिया उपस्थित रहे।
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वर्जन:
हमें उपायुक्त और एचएसएसआईडीसी के एजीएम पर भरोसा है कि वे जल्द इस प्रोजेक्ट सिरे चढ़वाएंगे। हम भी प्रशासन की मदद करेंगे। उपायुक्त इस काम के लिए पूरी तैयारी रखें ताकि यह काम न रुके। मुद्दे को प्रकाशित करने के लिए अमर उजाला के आभारी हैं।-ओमपाल खुडाना, निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि।
वर्जन:
आज की बैठक में उपायुक्त ने किसानों से स्वीकृति पत्र लेने के आदेश दिए। हम एक सप्ताह गांव में सर्वे करेंगे कि अब तक कितने लोगों ने अपनी स्वीकृति दे दी है और कितने बाकी हैं। जिन्होंने स्वीकृति नहीं दी, उनसे स्वीकृति पत्र लेंगे।-एसएस लांबा, एजीएम, एचएसआईआईडीसी।