गांव बेरी में शहीद नरेंद्र यादव के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर नमन करते विधायक राव दान सिंह---स
- फोटो : Narnol
महेंद्रगढ़। नौसेना में कार्यरत पेटी ऑफिसर नरेंद्र यादव निवासी गांव बेरी का एक अक्तूबर की रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर निधन हो गया। सोमवार दोपहर जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन करने के लिए लोग उमड़ पड़े। बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी।
नरेंद्र यादव (27) इस समय मुंबई में आईएनएस तराशा यूनिट में बतौर पेटी ऑफिसर हवलदार के पद पर तैनात थे। एक अक्तूबर रात्रि को जवान ने साथी जवानों से सीने में दर्द होने की शिकायत की। साथी जवानों ने उनका नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया। गांव में जब जवान नरेंद्र के शहीद होने की सूचना मिली तो पूरे गांव में मातम छा गया। वहीं सोमवार दोपहर बाद शहीद नरेंद्र यादव का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बेरी में पहुंचा तो उपस्थित लोगों ने भाई नरेंद्र अमर रहे के नारे लगाए। उनके पैतृक गांव बेरी में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
नरेंद्र यादव अविवाहित थे। वे 22 अगस्त 2015 को नेवी में भर्ती हुए थे। परिवार ने तीन दिसंबर को उनकी शादी तय की गई थी। परिवार में शादी को लेकर तैयारियां चल रही थीं लेकिन शादी से पहले ही जवान शहीद हो गया। परिजनों ने बताया कि एक अक्टूबर को उसका जन्मदिन था। उस दिन वह अपने साथियों के साथ जन्मदिन मनाकर सोने गए थे। तभी रात को उसके सीने में दर्द हुआ तब उनके साथियों ने उसे नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया लेकिन सुबह चार बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शहीद के अंतिम संस्कार में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर नम आंखों से अंतिम विदाई दी। प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार ने पुष्प चक्र चढ़ाया वहीं विधायक राव दान सिंह ने भी पुष्प चक्र चढ़ाकर शहीद को श्रद्धांजलि दी।