मंगलामुखी समाज के दो गुटों के बीच भेंट को लेकर चल रहे विवाद पर व्यापार मंडल महेंद्रगढ़ ने शनिवार देर शाम बड़ा फैसला लिया है। कमला भवन धर्मशाला में व्यापार मंडल की हुई बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर भेंट मांगने का अधिकार रचना मंगलामुखी ग्रुप को सौंप दिया गया।
व्यापार मंडल प्रधान सुरेंद्र बंटी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इलाके के व्यापारी, धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। बैठक में मंगलामुखी की ओर से जबरदस्ती वसूली और गाली-गलौज की लगातार मिल रही शिकायतों पर चर्चा हुई।
व्यापार मंडल ने अपने प्रस्ताव में साफ किया कि महेंद्रगढ़ इलाके में सबसे पहले चम्पा दादी माई भेंट मांगती थी। उनके बाद यह अधिकार बुलबुल महंत को मिला और वर्तमान में बुलबुल महंत ने यह हक रचना को दिया है। समाज इसी परंपरा को मान्यता देता है।
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सख्त शर्तों के साथ मिला अधिकार
प्रस्ताव में रचना मंगलामुखी ग्रुप के लिए शर्तें भी तय की गई हैं। उन्होंने बताया कि कोई जबरदस्ती, गाली-गलौज या खाली जाना, रोना धोना, ड्रामा नहीं होगा। भेंट जजमान की इच्छानुसार ही ली जाएगी, जैसा रचना मंगलामुखी ने 27 और 29 अप्रैल को हलफनामे में कहा था। भेंट की राशि केवल मंगलामुखी समुदाय के पास रहेगी, किसी बाहरी व्यक्ति जैसे गृहस्थी की हिस्सेदारी नहीं होगी। शिकायत मिलने पर व्यापार मंडल अधिकार वापस ले सकता है। प्रस्ताव की प्रतियां थाना प्रभारी महेंद्रगढ़, एसडीएम और नगर पालिका को भी भेजी गई हैं। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को पारित किया। मौके पर सुरेश सैनी प्रधान सैनी सभा, ब्राह्मण सभा के प्रधान दिनेश वैध, अग्रवाल सभा प्रधान महेंद्र पंसारी, यादव सभा प्रधान अभय राम यादव, पंजाबी सभा प्रधान सुरेश अरोड़ा, सैन समाज प्रधान महावीर सैन आदि मौजूद रहे।