नारनौल। सिंचाई विभाग ने मानसून के बाद करीब 150 किलोमीटर में फैले डिस्ट्रीब्यूटरी, माइनर और सब माइनर की सफाई की तैयारी शुरू कर दी है।
बारिश के सीजन में मिट्टी का जमाव हो जाता है। इसकी वजह से टेल तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। सिंचाई विभाग नारनौल, अटेली और नांगल चौधरी की डिस्ट्रीब्यूटरी, माइनर और सब माइनर की सफाई पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
नारनौल, अटेली और नांगल चौधरी में करीब 150 किलोमीटर में डिब्ट्रीब्यूटरी, माइनर और सब माइनर खेतों की प्यास बुझा रही है। जिनसे सिंचाई के साथ पीने का पानी भी सप्लाई होती है। नांगल चौधरी में नहरी पानी जाने से भूजलस्तर में काफी सुधार हुआ है। जिला में भूजलस्तर नीचे होने से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नहरी पानी खेती के लिए वरदान साबित हो रही है।
सिंचाई विभाग नारनौल ब्रांच क्षेत्र की सफाई करवाएगा। इसकी लंबाई 6.312 किलोमीटर, मेई डिब्ट्रीब्यूटरी 6.70 किलोमीटर, गुलावला माइनर 3.454, सिलारपुर डिस्ट्रीब्यूटरी 7.550, मित्रपुरा डिस्ट्रीब्यूटरी 4.445 किलोमीटर की सफाई की जाएगी। वहीं अटेली डिब्ट्रीब्यूटरी 23.200, सलीमपुर माइनर 10.950, खेड़ी माइनर 12.588, अटेली माइनर 4.200, अटेली सब माइनर 0.920, बिहाली सब माइनर 2, रामपुरा सबमाइनर 7.960, नोलपुर डिस्ट्रीब्यूटरी 32.131, नीरपुर माइनर 1.477, नागर माइनर 1.534, श्यामपुरा माइनर 7.425, दताल माइनर 4.313 और बुढवाल 7.417 किलोमीटर लंबी सब माइनर की सफाई की जाएगी।
वर्जन:
नारनौल, नांगल चौधरी और अटेली में डिस्ट्रीब्यूटरी, माइनर और सब माइनरों की सफाई की प्रक्रिया चल रही है। सफाई होने से अंतिम छोर तक पानी आसानी से पहुंच सकेगा। 18 से अधिक डिब्ट्रीब्यूटरी, माइनर और सब माइनर की सफाई करवाई जाएगी।
संदीप नासीर एक्सईएन सिंचाई विभाग।