अवैध कॉलोनियों में मकान बनवा कर रहने वाले लोगों को अब मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। हरियाणा सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार एक जुलाई 2022 से पहले नगर परिषद और नगर पालिका की सीमा से बाहर और जिला नगर योजनाकार कार्यालय के नियंत्रित क्षेत्र में बनी अवैध कॉलोनियों को नियमित करने व उनमें मूलभूत सुविधा दी जाएंगी। इसके लिए बिल्डर या उस कॉलोनी की पंजीकृत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) कोऑपरेटिव सोसायटी की ओर से आवेदन किया जा सकता है।
डीटीपी के अनुसार इन कॉलोनियों को वैध करने के लिए बिल्ट अप एरिया के हिसाब से विभाग ने रोड व पार्क, रोड की चौड़ाई, पार्क व कॉर्मशियल समेत कुल चार श्रेणियां बनाई गई हैं। इस संबंध में अन्य किसी भी जानकारी के लिए 0128-298111 पर फोन कर जानकारी ली जा सकती है। जिन अवैध कॉलोनियों के आवेदन आएंगे उनकी छंटनी के लिए जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी बनाई गई है। इसके चेयरमैन उपायुक्त होंगे तथा जिला नगर योजनाकार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता, जिला दमकल अधिकारी, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता और तहसीलदार नारनौल सदस्य बनाए गए हैं।
बिल्ट अप एरिया के हिसाब से यह होनी चाहिए सुविधाएं
- सुविधा 0 से 25 प्रतिशत 25 से 50, 50 से 75 व 75 से 100 प्रतिशत।
- रोड व पार्क 35 प्रतिशत।
- रोड की चौड़ाई 9 मीटर, 6 मीटर, 6 मीटर और 6 मीटर।
- कॉमर्शियल 4 प्रतिशत, 4 प्रतिशत, 4 प्रतिशत व 4 प्रतिशत।
आवेदन के साथ लगाने होंगे ये दस्तावेज
अवैध कॉलोनियों को नियमित कराने के लिए आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज लगाने होंगे। इनमें मलकियत से संबंधित सभी राजस्व दस्तावेज (जमाबंदी, इंतकाल, रजिस्ट्र व सजरा), स्वामित्व के प्रमाण के साथ प्लाट धारक की सूची, कॉलोनी का लेआउट व सर्वे प्लान व लेआउट प्लान सेटेलाइट इमेज, लेआउट प्लान पर कॉलोनी में मौजूदा सभी गलियों को चौड़ाई व अन्य जो भी सुविधाएं मौजूद है उनको विवरण सहित दर्शाए। इन सभी दस्तावेजों की तीन-तीन प्रतियां जिला नगर योजनाकार कार्यालय नारनौल में जमा करवाएं।