महेंद्रगढ़। कोहरा और धुंध के बढ़ते प्रभाव के बीच हादसों की आशंका भी तेजी से बढ़ रही है लेकिन लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों ने अभी चेत नहीं की है। हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक जगह-जगह सफेद पट्टियों का गायब होना व मुख्य चौक-चौराहों पर संकेतकों की अनुपस्थिति सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है। खासकर गांवों की सड़कों पर दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
शहरी दायरे से करीब तीन किलोमीटर में गुजरने वाले स्टेट हाईवे 148बी, रेवाड़ी महेंद्रगढ़ सड़क मार्ग, महेंद्रगढ़ से सतनाली सड़क मार्ग पर अधिकांश स्थानों पर सफेद पट्टी धुंधली पड़ चुकी है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़कों पर बने तीव्र मोड़ों पर भी संकेतक नहीं लगाए गए हैं। शहर के बाहरी क्षेत्र में स्टेट हाईवे को छोड़कर अधिकतर सड़कों पर रिफ्लेक्टर, मोड़ पर संकेतक और धुंधली हुई सफेद पट्टियां हादसों का कारण बन सकती हैं।
कुछ जगहों की स्ट्रीट लाइटें भी बंद हैं। इन अवैध कटों से हल्के व भारी वाहन बेखौफ गुजर रहे हैं जिससे अक्सर हादसे होते हैं। बढ़ते सड़क हादसों को देखकर भी जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
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हादसों को रोकने में कारगर सफेद पट्टी
सफेद पट्टी, संकेतक व रिफ्लेक्टर घने कोहरे एवं धुंध के मौसम में चालकों को सड़कों पर उनकी लेन और दिशा समझने में मदद करती हैं जिससे भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होती। इनके कारण अनावश्यक लेन बदलने से होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आती है।
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- वर्जन:
लोक निर्माण विभाग की ओर से अधिकांश सड़कों पर सफेद पट्टी लगाने का काम पूरा किया जा चुका है। साथ ही जिन स्थानों पर हादसों की अधिक संभावना रहती है उनपर संकेतक व रिफ्लेक्टर लगाने का काम भी जल्द किया जाएगा। -कृष्ण कुमार यादव, उपमंडल अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, महेंद्रगढ़
फोटो संख्या:57 शहर के माजरा चुंगी पर नहीं संकेतक बोर्ड। संवाद