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किसी पार्षद के सम्मान को नहीं पहुंचेगी ठेस, शहर पकडेगा विकास की रेल : रमेश सैनी

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फोटो संख्या:56- लोक निर्माण विश्राम गृह महेंद्रगढ़ में बैठक करते नगर पालिका प्रधान रमेश सैनी व 
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महेंद्रगढ़। शहर में मॉडल सड़कें और पार्क महेंद्रगढ़ का पिछड़ापन दूर करेंगी और शहर को भी विकसित किया जाएगा। शहर के विकास में सभी पार्षदों को साथ लेकर काम होगा और किसी पार्षद के सम्मान को ठेस नहीं पहुंचेगी। ये बातें नगर पालिका प्रधान रमेश सैनी ने रविवार को रेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता करते हुए कही।
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नगर पालिका कमेटी में कुछ दिनों से आरोपों का सिलसिला जारी है। इसमें पार्षद भी प्रधान पर अपमान करने और अकेले एजेंडे तैयार कर थोपने का आरोप लगा रहे हैं। साथ ही दोनों में ही प्रेसवार्ता करने की भी होड़ लगी है। रविवार को प्रेसवार्ता में प्रधान रमेश सैनी ने शहर के विकास के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना साझा की और पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए।
शहर को विकसित बनाने के लिए एजेंसी हायर की गई है और एजेंसी ने अब तक 95 फीसदी काम पूरा कर लिया है। अब तक तैयार रिपोर्ट में एजेंसी शहर के सड़कें मॉडल बनाने, फोरलाइन, पौधे लगाने, बस क्यू शेल्टर बनाने संबंधी जानकारी साझा की है।
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इसके अलावा शहर के पार्काें के लिए भी एजेंसी ने विशेष योजना तैयार की है। इसमें पार्कों के चारों ओर ट्रैक, बैठने की व्यवस्था, जिम का सामान, योग करने की जगह, सेल्फी प्वाइंट आदि बनाने की कार्ययोजना बताई है। अब शहर में महेंद्रगढ़ विकास बोर्ड गठित किया जाएगा।
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दो साल में कल्पना से परे होगा शहर
प्रधान ने कहा कि दो साल में शहर की ऐसी कायापलट होगी कि लोग महेंद्रगढ़ को पहचान नहीं पाएंगे। योजना के अनुसार कार्य किया जाएगा और यह कार्य लोगों की कल्पना से परे होगा। अब 15 दिन में 148बी पर लाइट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और मार्च में कार्य पूरा होगा। सीएम से मिलकर शहर को विकसित करने के लिए विशेष चर्चा हुई थी और सीएम ने शहर के विकास के लिए एस्टीमेट मांगा है। यह भी जल्द ही भेजा जाएगा।
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पार्षद असहमति जताएं और सुझाव दें

एडवाइजरों का बैठक में कोई काम नहीं होता है। जब उनको नहीं बुलाया जाता है तब तक लीगल एडवाइजर नहीं बोल सकते। पार्षदों को भी बैठक की सूचना पहले दी जाती है और सात तक पार्षद अपने एजेंडे लिखकर दे सकते हैं। अगर एजेंडों में किसी प्रकार की गड़बड़ होती है तो पार्षद असहमति जताएं और सुझाव दें। बैठक चर्चा के लिए होती है। अगर पेमेंट में गड़बड़ है तो उप प्रधान हस्ताक्षर क्यों करती हैं। उनको ऐसा लगता है तो हस्ताक्षर न करें।

आरोप लगाना आसान है, सिद्ध करना नहीं

पार्षदों के 30 एजेंडों को व्यक्ति विशेष का बताना उचित नहीं है। आरोप तो कोई भी व्यक्ति लगा सकता है लेकिन इनकों सिद्ध करना आसान नहीं है। अगर कोई भी एजेंडा विशेष व्यक्ति का है या गड़बड़ का आरोप सिद्ध करता है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।
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