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नपा चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बैठक आज

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नगर पालिका महेंद्रगढ़। - फोटो : Narnol
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महेंद्रगढ़। चार वर्ष से अधिक कार्यकाल पूरा कर चुकीं नगर पालिका चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए सोमवार को विशेष बैठक होगी। अविश्वास प्रस्ताव की बैठक की मांग करने वाले पार्षदों के रविवार को मोबाइल स्विच ऑफ हो गए हैं। पार्षद अपने घरों को छोड़कर भूमिगत हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव से पहले कोई टूट न जाए, इसलिए सभी पार्षद भ्रमण के लिए भेजे गए हैं। सोमवार को बैठक सुबह 11 बजे नगर पालिका परिसर में होगी। चेयरपर्सन को हटाने के लिए दस पार्षदों का उनके खिलाफ वोट करना जरूरी है। सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव का रिजल्ट घोषित नहीं किया जाएगा। रिजल्ट की घोषणा पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय पहले ही स्टे ऑर्डर लगा चुका है।
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नगर पालिका चेयरपर्सन रीना गर्ग के खिलाफ सोमवार 14 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके लिए बैठक तो होगी, लेकिन रिजल्ट के लिए कम से कम 27 सितंबर तक इंतजार करना होगा। नपा उपप्रधान रमेश बोहरा, पार्षद कमलेश तायल, मंजू महायच, बबीता सैनी, विष्णु कुमार, देवेंद्र सैनी, नरेंद्र खन्ना व तरुण यादव सहित कुल आठ पार्षदों ने नपा चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए डीसी आरके सिंह को मांग-पत्र दिया था। पार्षदों ने कहा कि महेंद्रगढ़ नपा की चेयरपर्सन दायित्वोें को निर्वहन करने में असफल रही हैं। इस संदर्भ में 17 अगस्त को प्रदेश सरकार के असाधारण गजट बैठक 22/2020 में अधिसूचित अध्यादेश-6/2020 (हरियाणा म्यूनिसिपल संशोधन अध्यादेश 2020) के अनुसार अधिनियम 1973 के द्वितीय संशोधन 4 सितंबर 2019 से पहले के अधिनियम की संबंधित धाराएं लागू होंगी। पार्षदों के निवेदन पर उपायुक्त आरके सिंह ने 14 सितंबर की बैठक तय की है। एसडीएम विश्राम कुमार मीणा को बैठक का नोटिस निकालने के आदेश दे दिए थे। एसडीएम ने 28 अगस्त को सभी पार्षदों को 14 सितंबर की बैठक के लिए नोटिस जारी कर दिया था। सोमवार को तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11 बजे नपा की बैठक होगी।
इससे पहले वर्ष 2018 में चेयरपर्सन रीना गर्ग के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। प्रस्ताव से पहले तीन पार्षदों की सदस्यता को लेकर विवाद हो गया था। नपा चेयरपर्सन ने तीन पार्षदों की सदस्यता को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इन पार्षदों की सदस्यता पर फैसला आने के बाद ही नपा चेयरपर्सन के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर फैसला होना है। सिंगल बेंच से फैसला आने के बाद यह मामला हाईकोर्ट की डबल बेंच में चल रहा है।
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दोनों पक्षों को अदालत के फैसला का रहेगा इंतजार
14 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव की बैठक के रिजल्ट पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने रोक लगाई हुई है। इस केस में अगली सुुनवाई 28 सितंबर को होनी है। ऐसे में दोनों पक्षों को 28 सितंबर तक इंतजार करना होगा।
ऐसे होगा फैसला
इस समय नगर पालिका में 15 चुने हुए पार्षद हैं। जिसमें एक पार्षद सुरेंद्र बंटी निलंबित हैं। जिस कारण कुल 14 पार्षदों को ही मतदान का अधिकार होगा। चेयरपर्सन को हटाने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत पड़ेगी। अगर 10 पार्षद 14 सितंबर को बैठक में पहुंचकर चेयरपर्सन के खिलाफ वोटिंग करेंगे तो उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाएगा। अगर 9 या इससे कम पार्षद उनके खिलाफ रहे तो अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा।
दो बार अविश्वास प्रस्ताव की तारीख से पहले मिला था स्टे
नगर पालिका चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए पहली तारीख 8 मार्च 2018 मिली थी। जिस पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 7 मार्च 2018 को स्टे दे दिया। इसके बाद 22 मार्च 2018 को दोबारा से बैठक निकाली गई। जिस पर अदालत ने 19 मार्च 2018 को स्टे आर्डर जारी किया था। अविश्वास प्रस्ताव बैठक के लिए यह तीसरी तारीख मिली है।
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