महेंद्रगढ़। जिले में न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक पहुंच गया है लेकिन जरूरतमंदों के रैन बसेरे के लिए कोई व्यवस्था नहीं हुई है। महेंद्रगढ़ व कनीना में हर साल नपा कार्यालय के एक कमरे को रैन बसेरा बनाया जाता है लेकिन इस बार उस कमरे का ताला तक नहीं खोला गया है।
इसके बाहर कुछ गद्दे पड़े हुए धूल फांक रहे हैं जबकि पलंग ने भी टूटा पड़ा है। इसी तरह कमरे के चारों ओर धूल व कचरे की परत जमी हैं। वहीं कनीना नगर पालिका में भी हर बार एक कमरे में ही रैन बसेरा शुरू कर खानापूर्ति कर दी जाती है लेकिन इस बार यह अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
एक सप्ताह न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जरूरतमंदों के बस स्टैंडों, नगर पालिका व रेलवे स्टेशनों के आसपास रात बिताने के लिए कोई रैन बसेरा नहीं है। शहर में रैन बसेरे की सूचना देने की देने वाले पोस्टर या अन्य कोई पोस्टर भी नहीं लगाए गए हैं।
हर साल महेंद्रगढ़ व कनीना की नगर पालिका के कार्यलय के महज एक-एक कमरे में रेन बसेरे की सुविधा शुरू की जाती है लेकिन इस बार अभी तक किसी भी सार्वजनिक निशुल्क रैन बसेरे की सुविधा शुरू नहीं की गई है।
दूसरी ओर शहर के सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों के रुकने आदि की व्यवस्था नहीं है और न ही किसी प्रकार की सूचनापट्ट लगाई है। प्रशासन व नगरपालिका की इस सुस्त प्रक्रिया से जरूरतमंदों की जेब गर्म हो सकती है जबकि क्षेत्र में तीन बस स्टैंड, तीन रेलवे स्टेशन तथा हजारों की संख्या में झुग्गी-झोंपड़ी हैं।
रैन बसेरे शुरू करने के मिल चुके हैं निर्देश
अतिरिक्त उपायुक्त उदय सिंह ने नारनौल मुख्यालय में अधिकारियों की पिछले बुधवार को बैठक लेकर रैन बसेरे शुरू करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह रैन बसेरे 24 घंटे खुले रहने चाहिए और संबंधित एसडीएम हर 15 दिनों में इन रैन बसेरों की विजिट करेंगे लेकिन महेंद्रगढ़ व कनीना नगर पालिका की ओर से अभी तक सुविधा शुरू नहीं की गई है।
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नगर पालिका के अधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द ही शहर में रैन बसरे शुरू कराने के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा। शहर में दो-तीन स्थानों पर अस्थाई रैन बसेरे शुरू करने की योजना है। -रमेश सैनी, चेयरमैन नगर पालिका, महेंद्रगढ़
फोटो-56 महेंद्रगढ़ नगर पालिका कार्यालय में गतवर्ष बनाया गया रैन बसेरा। संवाद