फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: महेंद्रगढ़ व दादरी में NGT की कार्रवाई, 343 स्टोन क्रशरों पर 70 करोड़ रुपये का जुर्माना

Fri, 20 Jan 2023 10:07 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)

सार

एनजीटी ने महेंद्रगढ़ व दादरी जिले के क्रशरों पर जुर्माना लगाया है। एक महीने में जुर्माना वसूल करने के आदेश दिए हैं। दोनों जिलों के क्रशरों पर लगभग 70 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
एनजीटी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एनजीटी ने स्टोन क्रशर के एक मामले में सुनवाई करते हुए जिला महेंद्रगढ़ के 162 व दादरी जिले के 181 के करीब स्टोन क्रशरों पर प्रति क्रशर 20 लाख रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाया है। दोनों जिलों के 343 स्टोन क्रेशर जोनों पर लगभग 70 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही एक महीने के अंदर जुर्माना वसूल किए जाने के भी आदेश जारी किए हैं। कमेटी द्वारा आधी अधूरी और लोगों के स्वास्थ्य की जमीनी स्तर पर जांच किए बिना ही रिपोर्ट  से खफा होकर एनजीटी के चेयरमैन न्यायाधीश ने जिला प्रशासन व पूरी कमेटी को लताड़ लगाई है।

विज्ञापन

 
इंजीनियर तेजपाल यादव ने बताया कि पिछले पांच साल से जिला महेंद्रगढ़ में विशेष रूप से नांगल चौधरी क्षेत्र के स्टोन क्रशरों से हो रहे प्रदूषण के खिलाफ न्यायालय में लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके मामले में एनजीटी के चेयरपर्सन न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल की खंडपीठ ने 15 नवंबर 2021 को जिले के सभी स्टोन क्रशरों की उच्च स्तरीय जांच के लिए आईआईटी के पर्यावरण एक्सपर्ट के साथ छह सदस्य विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया था। 

 

उसके साथ ही पूरे महेंद्रगढ़ जिले के स्टोन क्रशरों से प्रभावित गांवों में जो भी व्यक्ति क्रशरों की उड़ती धूल की वजह से जानलेवा बीमारियों से ग्रसित हैं, उनके स्वास्थ्य जांच का आदेश हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को दिया था।

 

वहीं जिले में स्थित अनेक स्टोन क्रशरों की संख्या, पर्यावरणीय वहन क्षमता, वायु गुणवत्ता स्तर आदि महत्वपूर्ण बिंदुओं पर छानबीन व जांच के आदेश दिए थे तथा जांच रिपोर्ट सात अप्रैल 2022 तक एनजीटी को सौंपने के आदेश दिए थे। 
 

नहीं की जमीनी स्तर पर जांच, एनजीटी ने लगाई लताड़
16 जनवरी 2023 को उक्त कमेटी द्वारा आधी-अधूरी, लोगों के स्वास्थ्य की जमीनी स्तर पर जांच किए बिना ही रिपोर्ट तैयार कर पेश कर दी। इस रिपोर्ट से खफा होकर एनजीटी के चेयरमैन न्यायाधीश ने जिला प्रशासन व पूरी कमेटी को लताड़ लगाई है। वहीं कमेटी पर जिला प्रशासन को महेंद्रगढ़ जिले में स्टोन क्रशर क्षेत्रों के बिल्कुल नजदीक में निरंतर वायु गुणवत्ता स्तर जांचने के कम से कम पांच मशीनें लगाने के निर्देश दिए है।  

विज्ञापन


वहीं स्टोन क्रशरों पर लगे करोड़ों के जुर्माने की वसूली को लेकर हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया है। इसके साथ ही एनजीटी ने जिले के स्टोन क्रशरों की वहन क्षमता, और अत्यधिक खराब हो चुकी वायु गुणवत्ता स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए दो स्टोन क्रशर के बीच की न्यूनतम दूरी 500 मीटर पर जोर देते हुए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग को निर्देश दिए कि किसी भी नए स्टोन क्रशर को महेंद्रगढ़ जिले में एनओसी न जारी किया जाए।
 
एक महीने में वसूल किया जाए जुर्माना
एनजीटी ने जिला प्रशासन, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग, वन विभाग व जिला वन अधिकारी की एक ज्वाइंट कमेटी बनाते हुए निर्देश दिए हैं कि सभी तरह का जुर्माना एक महीने के अंदर वसूला जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जो भी नियमों की अवहेलना करने वाले स्टोन क्रशर अगर और पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल प्रभाव से तुरंत बंद किया जाए। एनजीटी ने यह पूरी रिपोर्ट संयुक्त कमेटी को 30 अप्रैल 2023 तक सौंपने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही जिला उपायुक्त व हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी को अगली तारीख 22 मई 2023 को एनजीटी के समक्ष उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। 
 
एनजीटी ने उपरोक्त केस की सुनवाई करते हुए प्रति क्रेशर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वर्तमान में 70 स्टोन क्रेशर साइट चल रही हैं। - कृष्ण कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड, महेंद्रगढ़।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें