एनजीटी ने स्टोन क्रशर के एक मामले में सुनवाई करते हुए जिला महेंद्रगढ़ के 162 व दादरी जिले के 181 के करीब स्टोन क्रशरों पर प्रति क्रशर 20 लाख रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाया है। दोनों जिलों के 343 स्टोन क्रेशर जोनों पर लगभग 70 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही एक महीने के अंदर जुर्माना वसूल किए जाने के भी आदेश जारी किए हैं। कमेटी द्वारा आधी अधूरी और लोगों के स्वास्थ्य की जमीनी स्तर पर जांच किए बिना ही रिपोर्ट से खफा होकर एनजीटी के चेयरमैन न्यायाधीश ने जिला प्रशासन व पूरी कमेटी को लताड़ लगाई है।
उसके साथ ही पूरे महेंद्रगढ़ जिले के स्टोन क्रशरों से प्रभावित गांवों में जो भी व्यक्ति क्रशरों की उड़ती धूल की वजह से जानलेवा बीमारियों से ग्रसित हैं, उनके स्वास्थ्य जांच का आदेश हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को दिया था।
वहीं जिले में स्थित अनेक स्टोन क्रशरों की संख्या, पर्यावरणीय वहन क्षमता, वायु गुणवत्ता स्तर आदि महत्वपूर्ण बिंदुओं पर छानबीन व जांच के आदेश दिए थे तथा जांच रिपोर्ट सात अप्रैल 2022 तक एनजीटी को सौंपने के आदेश दिए थे।
नहीं की जमीनी स्तर पर जांच, एनजीटी ने लगाई लताड़
16 जनवरी 2023 को उक्त कमेटी द्वारा आधी-अधूरी, लोगों के स्वास्थ्य की जमीनी स्तर पर जांच किए बिना ही रिपोर्ट तैयार कर पेश कर दी। इस रिपोर्ट से खफा होकर एनजीटी के चेयरमैन न्यायाधीश ने जिला प्रशासन व पूरी कमेटी को लताड़ लगाई है। वहीं कमेटी पर जिला प्रशासन को महेंद्रगढ़ जिले में स्टोन क्रशर क्षेत्रों के बिल्कुल नजदीक में निरंतर वायु गुणवत्ता स्तर जांचने के कम से कम पांच मशीनें लगाने के निर्देश दिए है।