महेंद्रगढ़। देखरेख के अभाव में दस वर्ष पूर्व शहर में चार स्थानों पर लगाई गई ट्रेफिक लाइटें मुख्य चौक-चौराहों पर कबाड़ में पड़ी धूल फांक रही हैं। शहर के मुख्य चौक चोराहों पर ट्रेफिक लाइटें नहीं होने से सुरक्षित यातायात के लिए पुलिस कर्मचारियों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
विशेषकर सुबह एवं शाम के समय वाहनों की अधिकता के चलते जाम की स्थिति बन रही है। वहीं पिछले छह वर्ष के दौरान महेंद्रगढ़ की नगरपालिका द्वारा चार बार ट्रेफिक लाइटें लगवाने के लिए प्रस्ताव भी पास किए गए लेकिन यह प्रस्ताव कागजों से बाहर ही नहीं आ पाए।
देखरेख के अभाव में बनी शोपीस
शहर के माजरा चुंगी, राव तुलाराम चौक, कैंची मोड, रिवासा फ्लाईओवर के नजदीक चार स्थानों पर करीब आठ लाख रुपये की लागत से ट्रेफिक लाइटें लगाई गई थी। कुछ दिनों तक तो यह लाइटें यातायात नियंत्रण के लिए कारगर साबित हुई थी। लेकिन देखरेख के अभाव में महज एक वर्ष बाद ही खराब हो गई। माजरा चुंगी तथा राव तुलाराम चौक पर ट्रैफिक लाइटों के पोल उखड़कर गिरने के बाद लोगों द्वारा नजदीक पड़े कबाड़ में डाल दी गई हैं जहां वर्षों से धूल फांक रही हैं। शहर में ट्रेफिक लाइट नहीं होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 148 बी स्टेट हाईवे सड़क मार्ग का कार्य चल रहा है। जिसको लेकर राव तुलाराम चौक पर लोगों को आने जाने में परेशानी होगी।
पहले नगरपालिका में अधिकारी नहीं थे। अब अधिकारी आ गए है है जल्द टेंडर लगवाकर कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। किसी को भी परशोनियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका, महेंद्रगढ़