महेंद्रगढ़। शहर स्थित उपमंडल कृषि अधिकारी कार्यालय में रविवार को आयोजित जिलास्तरीय किसान मेला में 8 एचपी पावर टिलर आकर्षण केंद्र बना रहा। यह डेढ़ घंटे में एक एकड़ में बिजाई और जुताई कर सकता है। वहीं कार्यक्रम में करीबन 800 महिला व पुरुष किसान मौजूद रहे।
वहीं हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त डायरेक्ट एक्सटेंशन डॉ. हनुमानदास ने हर प्रकार की खेती के लिए विभिन्न तकनीक और अधिक मुनाफे के लिए सही तकनीक की जानकारी दी।
साथ ही क्षेत्र में अधिक से अधिक मोटे अनाज की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। मेले में खंड कृषि अधिकारी डॉ. संदीप सांगवान, उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजय यादव की निगरानी में किया गया।कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. पूनम ने मोटे अनाज के फायदे बताए।
नारनौल से उप कृषि निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह ने फसलों से संबंधित उन्नत कृषि तकनीकों, बीज चयन, उर्वरक प्रबंधन एवं रोग नियंत्रण के बारे में जानकारी प्रदान की। इसमें बतौर मुख्य अतिथि महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव ने शिरकत की।
मेले में कंपनियों ने लगाए 25 स्टॉल
मेले में विभिन्न कंपनियों की ओर से 25 स्टॉल लगाए गए। इसमें कृषि यंत्र, किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, जैविक उत्पाद एवं नई तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही मोटे अनाज से बने प्रोडक्ट की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इसमें ज्वार के बिस्कुट, तिल के लड्डू, रागी के लड्डू, अचार, शुद्ध तेल व अन्य प्रोडक्ट लगाए गए।
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8 एचपी पावर टिलर ने किसानों का ध्यान खींचा
मेले में प्रदर्शित 8 एचपी रोटावेटर या पावर टिलर किसानों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। यह उपकरण खास इसलिए है क्योंकि इसकी कीमत मात्र 35,000 रुपये है और यह प्रति घंटे लगभग 0.75 लीटर डीजल खर्च करता है जबकि सामान्य ट्रैक्टर में इसी काम के लिए 4 लीटर डीजल की खपत होती है। पावर टिलर मल्टीपल अटैचमेंट सिस्टम के साथ आता है। इससे छोटे किसानों के लिए इसे आसानी से उपलब्ध कराना संभव है। इसमें अधिक रखरखाव की आवश्यकता नहीं है और यह डेढ़ घंटे में एक एकड़ जमीन की जुताई और बिजाई कर सकता है।
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हर सीजन में मिट्टी जांच कराने की सलाह
मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला की ओर से स्टॉल लगाकर किसानों को मिट्टी परीक्षण की जानकारी दी गई। इसमें लैब सुपरवाइजर राजेश कुमार ने किसानों को सैंपल लेने की विधि और इसके फायदे बताए। उन्होंने कहा कि अगर किसान हर किसान इसकी जांच कराएं तो उनको फसल उत्पादन में मदद मिल सकती है।
फोटो संख्या:64- किसान मेले में कृषि संबंधित यंत्रों की जानकारी लेते किसान--- संवाद