महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मैनेजमेंट स्टडीज की ओर से वीरवार को विकसित भारत के लिए नीडोनॉमिक्स की प्रासंगिकता विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता पूर्व कुलपति नीडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ थॉट के प्रवर्तक और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रो. मदन मोहन गोयल रहे। उन्होंने उपभोग, बचत व उत्पादन में नीडो-व्यवहार को जरूरी बताया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए हमें नीडोनॉमिक्स से प्रेरित पर्यावरण-मैत्रीपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने उपभोग, बचत, उत्पादन, निवेश और वितरण जैसी आर्थिक गतिविधियों में नीडो-व्यवहार की जरूरत पर बल दिया।
प्रो. गोयल ने कहा कि विकसित भारत को नीडो-निर्यात का केंद्र बनने के लिए विपणन में एनए डब्ल्यू दृष्टिकोण के अंतर्गत आवश्यकता, सामर्थ्य और मूल्य को अपनाना होगा जो नीडो-उपभोग द्वारा संचालित हो। विकसित भारत की परिकल्पना के लिए नीडो-सम्पत्ति, नीडो-स्वास्थ्य और नीडो-सुख की त्रयी को आधार स्तंभ है।
उन्होंने उपभोक्ताओं, उत्पादकों, वितरकों, व्यापारियों, नीति-निर्माताओं और राजनेताओं सहित सभी हितधारकों में आर्थिक व्यवहार की बीमारियों को दूर करने हेतु व्यावहारिक परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने सभी को स्ट्रीट स्मार्ट- सरल, नैतिक, क्रियाशील, उत्तरदायी और पारदर्शी बनने का आह्वान किया तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नीडोनॉमिक्स को कॉमन सेंस एप्रोच (सामान्य बुद्धि पर आधारित दृष्टिकोण) के रूप में अपनाने की प्रेरणा दी।
समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने प्रो. मदन मोहन गोयल का स्वागत किया। स्वागत भाषण प्रो. रंजन अनेजा डीन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मैनेजमेंट स्टडीज ने दिया। प्रो. आनंद शर्मा ने विषय की रूपरेखा प्रतिभागियों के समक्ष प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में प्रो. पायल कंवर चंदेल डीन धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रो. एपी शर्मा, प्रो. सुशीला, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य विभाग तथा प्रो. अमनदीप उपस्थित रहे।