महेंद्रगढ़। जिले में एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होगी। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला मुख्यालय की ओर से राजकीय विद्यालयों में एनसीईआरटी किताबों की उपलब्धता के लिए किताबों की डिमांड भेजी है। अब 15 अप्रैल तक सभी स्कूलों में किताबें उपलब्ध रहेंगी।
प्रदेश में एक अप्रैल से स्कूलों में नए विद्यार्थियों का आगमन होगा और इसी माह से ही पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। हर स्कूल में किताबों की जरूरत होगी ताकि समय से पाठ्यक्रम पूरा करवाया जा सके। स्कूलों में अभी तक नई किताबें नहीं पहुंची हैं। सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस बार भी विभाग ने पिछले शैक्षणिक सत्र में दर्ज विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार हर कक्षा में 25 विद्यार्थियों के हिसाब से किताबों का प्रस्ताव तैयार मुख्यालय भेजा है। इससे पहले प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को किताबें दी जाएंगी और दाखिलों की संख्या अधिक रहती है तो इसके लिए बाद में डिमांड भेजी जाएगी।
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पहले दी जाएंगी पुरानी किताबें
विभाग की ओर से शुरुआत में विद्यार्थियों को पास आउट विद्यार्थियों की किताबें दी जाएंगी। जब तक नई पुस्तकें नहीं आएंगी तब तक पुरानी किताबों से पढ़ाई कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम भी पूरा होगा और पढ़ाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। वहीं
आज स्कूलों में होगा विद्यार्थियों का स्वागत
आज हर स्कूल में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी का स्वागत किया जाएगा। इसमें जिले से लेकर खंड तक सभी शिक्षा अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और पहले दिन विद्यार्थियों के दाखिले की समीक्षा करेंगे।
वर्जन
कक्षा पहली से आठवीं तक की कक्षाओं में एनसीईआरटी किताबों की उपलब्धता 15 अप्रैल तक हो जाएगी। किताबों के लिए मुख्यालय डिमांड भेजी गई। तब तक पुरानी किताबों से पढ़ाई सुचारू रहेगी। अगर किताबों की कमी रहती है तो बाद में और डिमांड भेजी जाएगी।
- विश्वेश्वर कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, महेंद्रगढ़
बाजार में केवल गणित और सामाजिक विज्ञान की किताबें उपलब्ध
कक्षा 9वीं : एक भी विषय की पुस्तक बाजार में उपलब्ध नहीं
कक्षा 11वींः एक भी विषय की पुस्तक उपलब्ध नहीं
कक्षा 10वीं: केवल गणित और विज्ञान की किताबें ही मिल रहीं
कक्षा 8वींः सिर्फ गणित और सामाजिक विज्ञान (एसएस) की किताबें उपलब्ध
कक्षा 6वींः पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता बेहद कम