फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवरात्र धार्मिक उत्सव ही नहीं, सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है : डॉ. पूर्ण प्रभा

Sun, 28 Sep 2025 03:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
विज्ञापन
फोटो 06 डांडिया नृत्य करती हुई महिला स्टाफ। पीआरओ कॉलेज
विज्ञापन
नारनौल। राजकीय महाविद्यालय में नवरात्र के अवसर पर डांडिया नृत्य का आयोजन जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी प्राचार्य डॉ. पूर्ण प्रभा की अध्यक्षता में किया गया।
विज्ञापन


डॉ. पूर्ण प्रभा ने बताया कि नवरात्र जैसे उत्सव केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक भी हैं। इन्हें युवा पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। प्रेस प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना बढ़ाना, नृत्य के माध्यम से पारंपरिक कला को जीवित रखना व महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है। विद्यार्थियों और अध्यापिकाओं ने पारंपरिक गानों पर डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। डाॅ. कविता ने बताया कि नवरात्र उत्सव और डांडिया माता दुर्गा के प्रति समर्पण और विश्वास का त्योहार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें