नारनौल/अटेली/निजामपुर/महेंद्रगढ़। रविवार रात आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी नुकसान पहुंचाया। नारनौल में करीब 30 बिजली के खंभे गिर गए जबकि महेंद्रगढ़ में 200 से अधिक पेड़ और 182 खंभे धराशायी हो गए। इससे कई इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही और जनजीवन प्रभावित हुआ। बिजली विभाग के पास एक ही दिन में नारनौल में 980 शिकायतें आईं।
विभिन्न स्थानों पर पेड़ टूटकर बिजली लाइनों पर गिर गए जिससे 2 से 8 घंटे तक सप्लाई ठप रही। नारनौल शहर में खंभे टूटने की घटना नहीं हुई लेकिन तारों में फॉल्ट के कारण इंडस्ट्रियल पावर हाउस से जुड़े फीडरों की बिजली 3 से 4 घंटे तक बाधित रही।
वहीं, महेंद्रगढ़ में बिजली निगम के अधिकारियों का दावा है कि 50 प्रतिशत पोल नए लगाए जा चुके हैं जबकि जहां अधिक नुकसान है वहां आपूर्ति सामान्य होने में दो से तीन दिन का समय लगेगा।
सोमवार सुबह महेंद्रगढ़ में सड़कों पर गिरे पेड़ों के कारण वाहनों की रफ्तार भी थम गई। कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
वहीं कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि तेज बारिश और ओलावृष्टि का असर हाल ही में बोई गई कपास की फसल पर पड़ सकता है। खेतों में अधिक नमी और मिट्टी पर पपड़ी बनने से कपास के जमाव पर असर पड़ने की आशंका है। अटेली के 50 गांवों में अंधेरा : अटेली क्षेत्र में खंभे गिरने से करीब 50 गांवों की बिजली गुल रही। महासर पावर हाउस से जुड़े गढ़ी रुथल, महासर, राता, मोहल्डा सहित कई गांवों में 22 खंभे टूटने से पूरे दिन आपूर्ति प्रभावित रही। बिजली निगम के एसडीओ दीपक कुमार ने बताया कि इनमें से अधिकांश गांवों में बिजली सप्लाई 2-3 घंटे में बहाल कर दी गई जबकि महासर क्षेत्र में मरम्मत में अधिक समय लगा। धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य होगा।
फोटो संख्या:61-गांव सिगड़ा के मुख्य मार्ग पर पड़ा पेड--संवाद
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