नारनौल। जिले में प्रकृति परीक्षण अभियान के माध्यम से आयुष विभाग आम नागरिक को प्रकृति के अनुसार खानपान और जीवन शैली के बारे में बता रहा है। प्रत्येक नागरिक को बीमार न होने देने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है।
इसी संकल्प को लेकर जिले में आयुष विभाग के 22 चिकित्सक लोगों को प्रकृति परीक्षण अभियान में जोड़ने के लिए जुटे हैं। वहीं आयुर्वेद कॉलेज के छात्र व निजी आयुर्वेद चिकित्सक भी मुहिम में लगे हैं। जिले में चिकित्सकों की टीम ने अब तक तीन हजार लोगों को अभियान से जोड़ दिया है। फिलहाल जिले भर में लोगों को प्रकृति परीक्षण एप की जानकारी देकर लोगों को जोड़ने का कार्य पूरी गति से चल रहा है।
अभियान के तहत राज्य में 22 लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण किया जाना है। इसमें महेंद्रगढ़ जिले में 80000 लोगों का प्रकृति परीक्षण करने का लक्ष्य आयुष विभाग द्वारा रखा गया है। अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए टीम के सदस्य गांव-गांव घर जाकर लोगों को जागरूक करके इससे जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। विभाग ने गीता जयंती महोत्सव पर भी स्टाल लगाकर लोगों को जागरूक किया।
इंसेट
ऐसे जुड़े प्रकृति परीक्षण अभियान से
राजकीय आयुर्वेद औषधालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ललित मोहन जोशी ने प्रकृति परीक्षण प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि एंड्राइड मोबाइल में प्ले स्टोर पर प्रकृति परीक्षण टाइप करके एनसीआइएसएम द्वारा विकसित प्रकृति परीक्षण एप को डाउनलोड किया जाता है। उसके बाद सिटीजन के रूप में स्वयं को लॉगिन करना होता है। लोग इन के बाद स्क्रीन पर एक क्यूआर कोड डिस्प्ले हो जाता है। इसे आयुर्वेद के चिकित्सा अधिकारी, आयुर्वेद के अध्यापक, स्टूडेंट या प्राइवेट प्रैक्टिशनर जो राज्य बोर्ड से पंजीकृत हैं, वह अपने मोबाइल से उस कोड को स्कैन करेंगे, जिसपर मोबाइल में 22 प्रश्नों की एक प्रश्नावली आएगी। इसमें नागरिक की त्वचा, दांत, आंखें, माथा, ओष्ठ आदि से संबंधित जानकारी होती है, वह ओपन हो जाती है। इस प्रश्नावली को भरना होता है। नागरिक के मोबाइल पर उसकी प्रकृति का डिजिटल सर्टिफिकेट व उसकी प्रकृति के अनुसार खान-पान और जीवन शैली से संबंधित जानकारी पीडीएफ के रूप में प्राप्त हो जाती है। उस सर्टिफिकेट के साथ नागरिक का फोटो अपलोड करने के बाद प्रकृति परीक्षण का कार्य संपन्न हो जाता है।
वर्जन-
आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने देश में 26 नवंबर से 25 दिसंबर तक एक अभियान चलाया है। इसका नाम है देश का प्रकृति परीक्षण इस अभियान से लोगों को जोड़ा जा रहा है। देश का प्रकृति परीक्षण अभियान का उद्देश्य नागरिकों को उनकी प्रकृति के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान करना, बीमारियों की रोकथाम में मदद करना और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है। यह अभियान गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो इसके लिए जिलेभर की टीम इस कार्य में लगी है। जिले में लक्ष्य ये ज्यादा लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।-अजीत यादव, जिला आयुर्वेद अधिकारी