फोटो 12 नसीबपुर में स्थित राव तुलाराम शहीदी स्मारक।
नारनौल। आज जिस दिन पूरा प्रदेश राव तुलाराम की शहादत को नमन कर रहा है, ठीक उसी धरती पर शहीदों का स्मारक अब भी जमीन तलाश रहा है। 1857 की क्रांति में जिस मैदान पर पांच हजार से अधिक सैनिकों ने अपनी जान न्योछावर कर दी थी, वही नसीबपुर का मैदान करीब एक दशक से अपने ही शहीदों के स्मारक का इंतजार कर रहा है।
वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अंबाला और नसीबपुर में शहीद स्मारक बनाने की घोषणा की थी। अंबाला का स्मारक बनकर तैयार हो गया, मगर नसीबपुर की फाइलें आज भी जमीन और विभागीय प्रक्रियाओं के बीच उलझी हुई हैं।
जिस राजा राव तुलाराम ने महज 14 साल की उम्र में रामपुरा रियासत की गद्दी संभालकर अंग्रेजों से लोहा लिया था, उनकी याद में बना स्मारक आज भी सिर्फ कागजों पर मौजूद है।
विधानसभा में भी उठ चुका मुद्दा
मार्च 2025 में विधायक ओमप्रकाश यादव ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था जिसके बाद जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर निर्माण की मांग दोहराई। अब डिजाइन और ड्राफ्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ी है जिससे स्थानीय लोगों में एक उम्मीद फिर जगी है।
42 कनाल 10 मरला में बनेगा भव्य परिसर
प्रस्तावित स्मारक 42 कनाल 10 मरला भूमि में बनना है जिसमें 500 से 600 लोगों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर, लाइट एंड साउंड शो, छह गैलरी, ऑडिटोरियम, एडमिन ब्लॉक और विशाल तिरंगा प्रस्तावित है। साथ ही पार्किंग, हरियाली और तालाब के जीर्णोद्धार की योजना भी शामिल है।
वर्जन:
नसीबपुर में शहीद स्मारक बनाने को लेकर मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई थी। अब जल्द ही इसका कार्य शुरू हो जाएगा।
-आरती सिंह राव, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा।