फोटो नंबर-25नारनौल में तेज धूप से बचने के लिए छाता लेकर जाती महिलाएं। संवाद
नारनौल। नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी, लेकिन इससे पहले ही नारनौल तपने लगा है। जिले में मई में पहली बार अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इससे आमजन की गर्मी से हालत दयनीय हो गई।
मई में पहले और दूसरे सप्ताह में 40 के आसपास ही तापमान दर्ज किया जा रहा था, लेकिन तीसरे सप्ताह में लगातार तापमान बढ़ रहा है। रविवार को हरियाणा एनसीआर दिल्ली में रोहतक का दिन का तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस प्रथम स्थान जबकि नारनौल 45 डिग्री सेल्सियस के साथ द्वितीय और हिसार 44.8 डिग्री सेल्सियस के साथ तृतीय स्थान पर रहा, जबकि हरियाणा में 18 जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। संपूर्ण हरियाणा एनसीआर दिल्ली में रात्रि तापमान में बढ़ोतरी जारी है। नारनौल और महेंद्रगढ़ के दिन और रात के तापमान क्रमशः 45 व 28.5 डिग्री सेल्सियस और 42.8, 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि थार रेगिस्तान की तरफ से पश्चिमी उष्ण तीक्ष्ण शुष्क और गर्म हवाओं के आगाज और सूर्यदेव की चटक चमकदार धूप ने गर्मी के तेवरों को प्रचंड बना दिया है। वातावरण से धीरे-धीरे ये हवाएं नमी को सोख रही है। सुबह से ही 10-15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा से धरातलीय हवाएं चलने लगती है, जो दोपहर होते-होते उष्ण गर्म हवाओं हीट वेव लूं में तब्दील होकर झुलसाने वाली गर्मी का आमजन को अहसास करवा रही है।
19 मई की रात को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 20-23 मई के दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली में हल्का बदलाव देखने को मिलेगा। साथ ही तेज गति से हवाएं चलने अंधड़ और बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदा-बांदी की गतिविधियों की संभावना है। इस मौसम प्रणाली से झुलसाने वाली गर्मी के स्थान पर उमसभरी पसीने छुटाने वाली गर्मी से आमजन को रूबरू होना पड़ेगा। 24 मई को अरब सागर पर एक चक्रवातीय तूफान बनने और उसके बाद 28 मई को बंगाल की खाड़ी पर भी एक डिप डिप्रेशन या चक्रवातीय तूफान बनने की संभावना बन रही है। जिसकी वजह से संपूर्ण उत्तरी भारत पर मौसम में बदलाव की संभावना बन रही है।
नौतपा से पहले तप रहा नारनौल:
नौतपा की शुरुआत भी 25 मई से शुरू हो रही है। परंतु आने वाले दिनों में फिर से मौसम में बदलाव की संभावना बन रही है। नौतपा से पहले ही संपूर्ण क्षेत्र नौतपा बना हुआ है। संपूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं।