महेंद्रगढ़ के गांव नांगल सिरोही में डॉ. भीम राव अंबेडकर पार्क को लेकर हरिजन बस्ती एवं गांव के अन्य ग्रामीणों के बीच विवाद गहरा गया है। कुछ ग्रामीणों ने अंबेडकर मूर्ति की स्थापना को लेकर बनाए जा रहे चबूतरे को भी तोड़ दिया। हालांकि इसके बाद गांव में पंचायत हुई, जिमसें पंचायत ने इस जमीन का प्रयोग किसी भी जाति या धर्म के नाम पर करने से साफ इंकार कर दिया।
गांव नांगल सिरोही के हरिजन बस्ती निवासी मनोज, इमरती, अंगूरी छोटी बंसत बाला, कमलेश, संदीप आदि ने बताया कि 2001 में तत्कालीन जिला उपायुक्त ने अंबेडकर पार्क के लिए प्रस्ताव पास कर दिया था। दीपावली पर उन्होंने डॉ. भीम राव अंबेडकर की मूर्ति की स्थापित करने का निर्णय लिया। इसके लिए सभी ने अपने चंदा देकर दो दिन पहले ही मूूर्ति बनाने का काम शुरू किया था। मूर्ति के लिए छह फिट चबूतरा बना दिया गया था। इसके बाद कुछ दबंग लोगों ने बृहस्पतिवार को आकर ट्रैक्टर से उसे तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यह उनका अधिकार है वो इसे लेकर रहेंगे चाहे उनके इसके लिए कुछ भी करना पड़े।
इस संबंध में डा. अंबेडकर युवा केंद्र के प्रधान सुंदर लाल जोरासिया ने बताया कि 2001 में बाबा कालिया डोडा के नीचे पड़ी जमीन पर अंबेडकर पार्क के लिए गांव की पंचायत ने प्रस्ताव बनाकर तत्कालीन जिला उपायुक्त बीआर लांग्यान के पास भेजा था। जिला उपायुक्त ने अंबेडकर पार्क एवं भवन बनाने के लिए प्रस्ताव पास कर दिया था। जिला उपायुक्त लांग्यान ने कहा था कि उनके पास कोई ग्रांट नहीं है वे अपने स्तर पर ही इस पार्क या भवन को बनवा सकते हैं। यह लेटर ग्राम पंचायत को भी दिखाया गया था लेकिन उन्होंने इसे मानने से इंकार कर दिया।
गांव की सरंपच सरिता देवी ने बताया कि वो बाबा साहेब का सम्मान करती हैं। बाबा साहेब विश्व के नेता हैं उनके योगदान को भूलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर वो बाबा साहेब की मूर्ति स्थापित करना चाहते हैं वह मंदिर के नीचे की जगह हैं। इस जगह पर कई समाज के लोग अपने समाज के जुड़े लोगों की मूर्ति स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि गांव में यह जगह मंदिर की रहेगी। इस जमीन के कारण गांव का भाई चारा खराब नहीं होने दिया जाएगा।