राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के स्नातकोत्तर पास बेरोजगार युवाओं को 100 घंटे काम के बदले 9 हजार रुपये दिए जाने की शर्त भले ही बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी हो, मगर इस के एक ऑप्शन में स्नातकोत्तर कक्षा केवल हरियाणा के विश्वविद्यालयों द्वारा पास किए जाने की शर्त युवाओं के गले नहीं उतर रही है। जिसके कारण हजारों युवा स्नातकोत्तर होते हुए भी अप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। इसको लेकर शुक्रवार को कई युवाआें ने सीएम विंडो पर भी इसकी शिकायत की है।
स्नातकोत्तर पास युवा सहदेव, शैलेष कुमार, विद्यानंद, राकेश सैनी, शिशपाल व अशोक आदि ने बताया कि प्रदेश सरकार ने एक नवंबर से स्नातकोत्तर बेरोजगार युवाओं को 100 घंटे काम में लेने तथा उसके बदले युवाओं को 9 हजार रुपये देने की योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि यह योजना बहुत ही अच्छी है, मगर इसमें कुछ खामियां हैं। जिसके कारण हजारों युवा परेशान हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार द्वारा रखी गई अन्य शर्तें जैसे टायलेट, जमीन व अन्य कागजात तो पूरे कर दी गई हैं। मगर इसमें जब वे एमए के ऑप्शन पर क्लिक करते हैं तो उसमें केवल हरियाणा के विश्वविद्यालयों की ही लिस्ट आती है। जबकि प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवा राजस्थान, पंजाब या अन्य जगहों के विश्वविद्यालयों से एमए किए हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ के अनेक युवाओं ने राजस्थान के विश्वविद्यालयों से एमए की है। ऐसे में वे युवा शर्तें पूरी करने के बाद भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में एक शिकायत उन्होंने सीएम विंडो में भी लगाई है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस तरह की शर्त को शीघ्र हटाया जाए।