महेंद्रगढ़। गांव बुचौली में तीन लाख लिटर पानी की टंकी के गिरने से तीन जाने बाल-बाल बच गई। यह टंकी गांव बुचौली में तीन वर्ष पहले बनाई गई थी और तीन गांव को इस टंकी से पानी की सप्लाई की जाती थी। टंकी गिरने से कोई हताहत नहीं हुई। वहां पर ड्यूटी दे रहे जनस्वास्थ्य विभाग के अस्थायी कर्मचारी एवं एएसआई ने भाग कर अपनी जान बचाई। टंकी गिरने की आवाज को सुनकर पूरा गांव दौड़कर टंकी की तरफ गया। सरपंच ने इसकी सूचना संबंधित विभाग के अधिकारी को दी। अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की।
गांव बुचौली में 2013 में करोड़ों रुपये की लागत से नाबार्ड प्रोजेक्ट वाटर वर्कर्स बनाया गया था। इस प्रोजेक्ट में 31लाख 15 हजार रुपये की लागत से 100 फिट की पानी की टंकी भी बनाई गई थी। यह टंकी गांव बुचौली, सीगड़ा, मेघनवास तीनों ही गांवों में पानी की सप्लाई देती थी। शुक्रवार को दोपहर में अस्थायी कर्मचारी टंकी में ही पानी चढ़ा रहा था अभी पानी मात्र 4 फिट ही भर पाया था उसके बाद तो टंकी की पपड़ी उतरने लग गई और अचानक से पूरी टंकी धड़ाम से गिरी जो बाद में मिट्टी में बदल गई।
आप लोग पानी भरे दें गिरेगी तो देखेंगे
ग्रामीणों ने बताया कि पानी की टंकी में कभी पूरा पानी ही नहीं चढ़ाया। हमेशा डेढ़ या दो फिट पानी टंकी में चढ़ाया जाता था। इससे टंकी से जो फायदा मिलना था वो नहीं मिल पाया था। पहले भी टंकी में दरारें आ गई थीं उस दौरान सीमेंट आदि लगाकर उनको भर दी गई थी। इसके बाद फिर पपड़ी गिरने लगी जिसकी शिकायत सांसद चौ. धर्मबीर को दी गई थी। उस दौरान सांसद ने यही जवाब दिया कि आप लोग पानी भरे दें गिरेगी तो देखेंगे। शुक्रवार को वह टंकी गिर ही गई।
जान बचाकर भागे गांव की ओर
प्रत्यक्षदर्शी एवं वाटर वर्कर्स पर ड्यूटी दे रहे देवेंद्र ने बताया कि दोपहर 1 बजे वो अपनी ड्यूटी दे रहे थे। हड़ताल को लेकर ड्यूटी पर आया पुलिस एएसआई सतपाल भी वहां बैठा था। इसी दौरान टंकी की पपड़ी टूट-टूटकर गिरने लगी। जब उनकी नजर जब टंकी पर गई तो टंकी को गिरने की हालत में देखकर वहां से भागने लगे। अभी वो दस कदम ही भागे थे कि पूरी टंकी धड़ाम से गिर गई।
टंकी बनाने में हुआ भ्रष्टाचार
गांव के सरपंच सुरेंद्र ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि टंकी बनाने में पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार हुआ। टंकी में घटिया सामग्री लगाई गई थी। टंकी में मात्र तीन सूत के सरिए लगाए गए थे। उन्होंने बताया कि विभाग को उस समय भी ग्रामीणों ने अवगत करवाया था लेकिन प्रशासन ने उनकी एक न सुनी।
प्रशासन ने एक न सुनी सरपंच की
पूर्व सरपंच कमलेश देवी के पति सतबीर सिंह ने बताया कि जब टंकी बनाई जा रही थी तो गांव की पंचायत ने घटिया सामग्री को लेकर विरोध जताया था लेकिन संबंधित विभाग के प्रशासन ने उस दौरान कहा था कि टंकी का निर्माण विभाग करवा रहा है पंचायत को इसमें कोई रोल नहीं है। इसलिए अगर कोई नुकसान होगा तो वो विभाग का होगा पंचायत का नहीं। अगर उस समय विभाग पंचायत की सुन लेता तो शायद आज यह दिक्कत नहीं आती और विभाग के करोड़ों रुपये की बचत भी हो जाती।
वर्जन:
इस संबंध में कार्यकारी अभियंता रविंद्र गोठवाल ने कहा कि संबंधित ठेकेदार को नोटिस दिया जाएगा। अभी ठेकेदार की लिमिट का समय पेंडिंग है। इसके अलावा मैटीरियल जांच के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित घटना के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।